रिंटू वर्मा…
पीलीभीत। महिला कल्याण विभाग द्वारा जिला प्रोबेशन अधिकारी अनुराग श्याम रस्तोगी के निर्देशानुसार तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सहयोग से बाल विवाह मुक्त अभियान एवं बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत ब्लॉक मरौरी के ग्राम विलगवा में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बालिकाओं को शिक्षा के प्रति जागरूक करना और बाल विवाह जैसी कुप्रथा के प्रति समाज में जागरूकता फैलाना रहा।
बालिकाओं को वितरित की गई एजुकेशनल किट
कार्यक्रम के दौरान बालिकाओं को एजुकेशनल किट वितरित की गई। इस अवसर पर जिला मिशन कोऑर्डिनेटर सुवर्णा पांडे ने बालिकाओं को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा बालिकाओं के जीवन में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। शिक्षा ही बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाती है और उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करती है। उन्होंने कहा कि बाल विवाह एक सामाजिक कुप्रथा है, जो बालिकाओं की शिक्षा और उनके उज्ज्वल भविष्य में सबसे बड़ी बाधा बनती है।
योजनाओं की दी गई विस्तृत जानकारी
जेंडर स्पेशलिस्ट जय श्री सिंह ने महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए बालिकाओं और महिलाओं को सरकार की योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि विभाग का उद्देश्य बालिकाओं को सशक्त बनाना और समाज में उनके सम्मान एवं अधिकारों को सुनिश्चित करना है।
एनएसएस कैंप में दिलाई गई बाल विवाह मुक्त भारत की शपथ
इसी क्रम में राम लुभाई साहनी महाविद्यालय में आयोजित एनएसएस कैंप के दौरान बालिकाओं और अध्यापकों को बाल विवाह मुक्त भारत बनाने की शपथ दिलाई गई। इस दौरान सभी ने संकल्प लिया कि वे स्वयं बाल विवाह नहीं करेंगे और न ही अपने आसपास इस कुप्रथा को होने देंगे, बल्कि इसके खिलाफ समाज में जागरूकता फैलाने का कार्य करेंगे।
जागरूकता से ही खत्म होगी कुप्रथा
कार्यक्रम के माध्यम से बालिकाओं को शिक्षा के महत्व, उनके अधिकारों और बाल विवाह के दुष्परिणामों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही सभी से अपील की गई कि बाल विवाह मुक्त समाज के निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें।

