पीलीभीत चार चरणों में गूंजेगी शहनाइयां मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 2086 जोड़ों की होंगी शादियां।

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पीलीभीत: गरीब और जरूरतमंद बेटियों के हाथ पीले कराने के लिए प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत इस बार पीलीभीत जनपद में 2086 जोड़ों के सामूहिक विवाह संपन्न कराए जाएंगे। इस बार का आयोजन पिछले वर्षों की तुलना में अधिक व्यापक और सुव्यवस्थित तरीके से किया जा रहा है। शासन की मंशा के अनुरूप इस वर्ष एक साथ पूरे जिले में एक ही समारोह कराने के बजाय विधानसभावार चार अलग-अलग चरणों में विवाह समारोह आयोजित किए जाएंगे, ताकि भीड़ नियंत्रण, व्यवस्थाओं की गुणवत्ता और पारदर्शिता बनी रहे।

सभी समारोह इसी माह नवंबर में आयोजित किए जाएंगे:-

बरखेड़ा विधानसभा का समारोह 12 नवंबर को, सदर विधानसभा का 15 नवंबर को, बीसलपुर विधानसभा का 16 नवंबर को ड्रमंड राजकीय इंटर कॉलेज मैदान में, जबकि पूरनपुर विधानसभा का समारोह 17 नवंबर को चैतन्य टेक्नो स्कूल, पूरनपुर में संपन्न कराया जाएगा इन सभी समारोहों में हजारों की संख्या में वर-वधू पक्ष के परिजन, स्थानीय जनप्रतिनिधि और अधिकारीगण शामिल होंगे। प्रशासन ने समारोहों की तैयारियों को लेकर पूरी ताकत झोंक दी है।

प्रशासनिक अधिकारियो ने किया विवाह स्थल का निरीक्षण:-

इस भव्य आयोजन को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए एडीएम रोशनी यादव, सिटी मजिस्ट्रेट विजयवर्धन तोमर और समाज कल्याण अधिकारी चंद्र मोहन बिश्नोई ने मंगलवार को ड्रमंड इंटर कॉलेज मैदान का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मंच व्यवस्था, बैठने की जगह, खानपान, सुरक्षा और सजावट से जुड़ी तैयारियों को परखा। समाज कल्याण विभाग की ओर से बताया गया है कि सभी चारों समारोहों के लिए आवश्यक सामग्री, पंडाल, सजावट और उपहारों की व्यवस्था अंतिम चरण में है।

प्रदेश सरकार की यह योजना गरीब परिवारों के लिए वरदान सावित हुई:-

प्रदेश सरकार की यह योजना उन गरीब परिवारों के लिए वरदान साबित हो रही है, जिनके लिए बेटी की शादी एक बड़ा आर्थिक बोझ होती है। इस योजना के तहत सरकार द्वारा प्रति जोड़े एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। पहले तक यह सहायता राशि 51 हजार रुपये थी, लेकिन अब इसे दोगुना कर दिया गया है। इस राशि में 60 हजार रुपये कन्या के खाते में सीधे डीबीटी के माध्यम से भेजे जाएंगे, 25 हजार रुपये उपहार सामग्री जैसे बिस्तर, बर्तन, पंखा, कपड़े आदि पर खर्च होंगे, जबकि 15 हजार रुपये विवाह आयोजन पर व्यय किए जाएंगे।

466 शादियों का  दिया गया था लक्ष्य:-

वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिले को 466 शादियों का लक्ष्य दिया गया था, लेकिन बढ़ती मांग और पात्र लाभार्थियों की संख्या को देखते हुए इस बार कुल 2086 जोड़ों की शादी कराने की तैयारी की गई है। इससे न केवल बेटियों के घर बसेंगे, बल्कि कारीगरों, हलवाई, सजावट कर्मियों और अन्य स्थानीय लोगों को भी रोजगार मिलेगा।

भारी संख्या में प्राप्त हुए आवेदन:-

समाज कल्याण विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, 30 अक्टूबर को आवेदन की अंतिम तिथि निर्धारित की गई थी। इस अवधि तक विभाग को 2450 आवेदन प्राप्त हुए। सभी आवेदनों का सत्यापन ब्लॉक स्तर पर खंड विकास अधिकारियों (बीडीओ) और नगर निकायों के अधिशासी अधिकारियों के माध्यम से कराया गया। सत्यापन के लिए 5 नवंबर तक की समय सीमा तय की गई थी। जांच पूरी होने पर विभाग को जो रिपोर्ट प्राप्त हुई, उसके अनुसार 364 आवेदन निरस्त कर दिए गए, जबकि 2086 आवेदन सही पाए गए। निरस्त आवेदनों में कई मामलों में शादियां पहले ही संपन्न हो चुकी थीं, जबकि कुछ आवेदकों की आयु पात्रता या दस्तावेजों में त्रुटियां पाई गईं।

सामूहिक विवाह योजना का उद्देश्य:-

सामूहिक विवाह योजना का उद्देश्य समाज में समानता, पारदर्शिता और सामूहिकता की भावना को बढ़ावा देना है। इस योजना से न केवल गरीब परिवारों को आर्थिक राहत मिलती है बल्कि सामाजिक समरसता का संदेश भी जाता है। कार्यक्रम के दौरान धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह संस्कार पूरे विधि-विधान से कराए जाएंगे। प्रत्येक जोड़े को सरकार की ओर से शगुन सामग्री और प्रमाण पत्र भी प्रदान किया जाएगा।

धूमधाम से आयोजित होगा सामूहिक विवाह:-

प्रशासन ने बताया कि सभी कार्यक्रमों में पुलिस बल, स्वास्थ्य विभाग, सफाई कर्मी और समाज कल्याण विभाग के अधिकारी तैनात रहेंगे, ताकि समारोह में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो। इसके साथ ही जिले के जनप्रतिनिधियों और स्वयंसेवी संगठनों को भी आयोजन में सहयोग के लिए जोड़ा गया है।

समाज कल्याण अधिकारी का क्या है कहना ?:-

समाज कल्याण अधिकारी चंद्र मोहन बिश्नोई ने बताया कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का मकसद गरीब बेटियों को सम्मानपूर्वक विवाह के अवसर प्रदान करना है। इस बार जिले में रिकॉर्ड स्तर पर शादियां कराई जा रही हैं। उनका कहना है कि “सरकार चाहती है कि कोई भी बेटी आर्थिक तंगी की वजह से अपने घर में कुंवारी न रह जाए।”

ऐसा नजारा जो सामूहिकता, समानता और नई उम्मीदों का प्रतीक बनेगा:-

वास्तव में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना अब सिर्फ सरकारी कार्यक्रम नहीं रह गई है, बल्कि यह गरीब परिवारों की खुशियों का उत्सव बन चुकी है। चार चरणों में होने जा रहे इन विवाह समारोहों में जब हजारों जोड़े एक साथ सात फेरे लेंगे, तो पीलीभीत का आसमान भी शहनाइयों की गूंज से भर उठेगा एक ऐसा नजारा जो सामूहिकता, समानता और नई उम्मीदों का प्रतीक बनेगा।

 


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3 thoughts on “पीलीभीत चार चरणों में गूंजेगी शहनाइयां मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 2086 जोड़ों की होंगी शादियां।

  1. पीलीभीत न्यूज़ में सबसे ज्यादा खबरें भ्रष्टाचार की होनी चाहिए

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