रिंटू वर्मा…
पीलीभीत। जनपद के पीलीभीत टाइगर रिजर्व की माला रेंज में मृत अवस्था में मिले बाघ के मामले में अब स्थिति स्पष्ट हो गई है। बाघ के शव को आवश्यक औपचारिकताओं के बाद पोस्टमार्टम के लिए बरेली स्थित भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान भेजा गया था। विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम द्वारा किए गए पोस्टमार्टम में बाघ की मौत को स्वाभाविक माना गया है।
घटनास्थल पर मचा था हड़कंप
माला रेंज में बाघ का शव मिलने की सूचना मिलते ही वन विभाग में हड़कंप मच गया था। वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया और पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर जांच शुरू कर दी थी। प्रारंभिक तौर पर अवैध शिकार या आपसी संघर्ष जैसी आशंकाओं को ध्यान में रखते हुए साक्ष्य एकत्र किए गए।
पोस्टमार्टम में नहीं मिले संदिग्ध संकेत
आईवीआरआई के डॉक्टरों ने पोस्टमार्टम के बाद स्पष्ट किया कि बाघ के शरीर पर किसी प्रकार के संकेत नहीं मिले हैं। चिकित्सकों के अनुसार यह मामला स्वाभाविक मृत्यु का प्रतीत होता है।
आंतरिक अंगों के नमूने सुरक्षित
हालांकि एहतियात के तौर पर बाघ के आंतरिक अंगों के नमूने एकत्र कर प्रयोगशाला जांच के लिए सुरक्षित रखे गए हैं। इन नमूनों की जांच से यह पता लगाया जाएगा कि कहीं बाघ किसी आंतरिक बीमारी से ग्रसित तो नहीं था। अंतिम लैब रिपोर्ट आने के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट होगी।
वन विभाग ने बढ़ाई निगरानी
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि टाइगर रिजर्व क्षेत्र में गश्त और निगरानी और अधिक सख्त कर दी गई है। विभाग का कहना है कि वन्यजीवों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से यह स्पष्ट होने के बाद कि बाघ की मौत स्वाभाविक कारणों से हुई, विभागीय अधिकारियों ने राहत की सांस ली है। अब सभी की नजर अंतिम जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जिसके बाद विस्तृत आधिकारिक बयान जारी किया जाएगा।

