रिंटू वर्मा…
पीलीभीत। उपाधि महाविद्यालय पीलीभीत की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर के अंतर्गत ग्राम बरहा, विकासखंड ललौरीखेड़ा स्थित कंपोजिट विद्यालय में स्वच्छ भारत अभियान चलाया गया। कार्यक्रम का मार्गदर्शन महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. प्रोफेसर दुष्यंत कुमार के निर्देशन में किया गया। अभियान का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र में स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाना और विद्यार्थियों में सामाजिक सेवा की भावना विकसित करना था।
गांव की गलियों और सार्वजनिक स्थलों पर की सफाई
स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत शिविर स्थल से की गई, जहाँ राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों ने पूरे उत्साह और समर्पण के साथ सफाई कार्य शुरू किया। स्वयंसेवकों ने गांव की गलियों, सार्वजनिक स्थलों तथा आसपास के क्षेत्रों में सफाई अभियान चलाकर स्वच्छता का संदेश दिया। इस दौरान विद्यार्थियों ने टीमवर्क के साथ पूरे क्षेत्र में साफ-सफाई करते हुए ग्रामीणों को भी इस अभियान में शामिल होने के लिए प्रेरित किया।
ग्रामीणों को स्वच्छता के प्रति किया जागरूक
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने घर-घर जाकर ग्रामीणों को स्वच्छता के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने लोगों को समझाया कि नियमित साफ-सफाई रखने से कई प्रकार की बीमारियों से बचा जा सकता है और स्वच्छ वातावरण स्वस्थ जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक है। साथ ही ग्रामीणों से अपील की गई कि कूड़ा-कचरा इधर-उधर न फेंकें और निर्धारित स्थानों पर ही डालें, ताकि गांव का वातावरण स्वच्छ बना रहे।
स्वच्छता समाज की सामूहिक जिम्मेदारी: कार्यक्रम अधिकारी
अभियान का नेतृत्व राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. गजेंद्र सिंह ने किया। उन्होंने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि स्वच्छता केवल व्यक्तिगत जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने आसपास सफाई बनाए रखने का संकल्प ले तो स्वच्छ भारत का सपना साकार हो सकता है।
ग्रामीणों ने भी लिया स्वच्छता का संकल्प
स्वच्छता अभियान के दौरान ग्रामीणों ने भी विद्यार्थियों की पहल की सराहना की और उनके साथ मिलकर साफ-सफाई में सहयोग किया। इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों ने अपने गांव को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने का संकल्प भी लिया।
इन छात्रों का रहा विशेष योगदान
इस सात दिवसीय विशेष शिविर में डॉ. शेफाली कुंदन लाल, छात्र नरेंद्र कुमार, मंगल पांडे, मानव भारद्वाज, केशव गौतम, गौरव, करण कुमार, देव, अरुण, प्रेम कुमार, प्रिंस, प्रभात, नितिन गंगवार, नितिन मौर्य, नरेश, मोहित वर्मा, मोहित कुमार, सत्यदेव, सोहन पटेल, सुमित कुमार, तेज बहादुर, विकास, विनोद कुमार सहित अन्य स्वयंसेवकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

