पीलीभीत : जिले में विश्व हिंदू परिषद (VHP) नेता प्रिंस गौड़ से जुड़े प्रकरण ने जहां प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा रखी थी, वहीं अब इस मामले के बीच एक बड़ा फेरबदल देखने को मिला है। शासन ने एडीएम वित्त ऋतू पुनिया का स्थानांतरण कर दिया है। उनकी जगह अब प्रसून द्विवेदी को पीलीभीत का नया एडीएम नियुक्त किया गया है। यह आदेश प्रशासनिक स्तर पर किए गए तबादलों की श्रृंखला का हिस्सा बताया जा रहा है, लेकिन जिले में इसे हालिया घटनाक्रम से जोड़कर देखा जा रहा है।
प्रिंस गौड़ प्रकरण बना सुर्खियों का केंद्र
ज्ञात हो कि विश्व हिंदू परिषद के चर्चित नेता प्रिंस गौड़ से जुड़ा मामला पिछले कुछ दिनों से सुर्खियों में था। प्रिंस गौड़ पर एक कथित विवादित घटना और प्रशासनिक कार्रवाई के संबंध में चर्चा चल रही थी। सूत्रों के अनुसार, इस प्रकरण में प्रशासनिक स्तर पर कई अधिकारी जांच और रिपोर्टिंग में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे। इसी दौरान जिले की एडीएम वित्त ऋतू पुनिया का नाम भी अप्रत्यक्ष रूप से चर्चा में आया था।हालांकि, प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि रितु पुनिया का स्थानांतरण एक नियमित प्रक्रिया का हिस्सा है और इसका किसी विशेष मामले से प्रत्यक्ष संबंध नहीं है। बावजूद इसके, जिला मुख्यालय से लेकर लखनऊ तक यह तबादला चर्चा का विषय बना हुआ है।
प्रसून द्विवेदी संभालेंगे कार्यभार
शासन ने ऋतू पुनिया के स्थान पर प्रसून द्विवेदीको पीलीभीत का नया एडीएम नियुक्त किया है। प्रसून द्विवेदी को वित्तीय प्रशासन के क्षेत्र में अनुभव प्राप्त है। वह पूर्व में अन्य जिलों में भी कोषागार और वित्तीय विभाग से जुड़े पदों पर कार्य कर चुके हैं। बताया जा रहा है कि वह जल्द ही पीलीभीत पहुंचकर अपना कार्यभार संभालेंगे।
प्रसून द्विवेदी को एक सख्त लेकिन व्यवहारिक अधिकारी माना जाता है। वित्तीय कार्यों में सटीकता और समयबद्धता के लिए वह जानी जाती हैं। सूत्र बताते हैं कि जिला प्रशासन को उनसे काफी उम्मीदें हैं, विशेषकर तब जब जिले में विकास योजनाओं के वित्तीय लेन-देन और परियोजना व्यय में पारदर्शिता सुनिश्चित करना प्राथमिकता बन गया है।
प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज
हालिया तबादले के बाद प्रशासनिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। कई लोगों का मानना है कि यह बदलाव एक रूटीन प्रक्रिया है, वहीं कुछ इसे हालिया विवादित मामलों से जोड़कर देख रहे हैं। प्रिंस गौड़ प्रकरण में पुलिस और प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर सोशल मीडिया पर भी कई प्रतिक्रियाएं सामने आ चुकी हैं।जानकारों का कहना है कि सरकार और प्रशासन ऐसे समय में अधिकारियों की तैनाती पर विशेष ध्यान देते हैं, जब किसी जिले में सामाजिक या राजनीतिक तनाव की स्थिति बन रही हो। पीलीभीत में पिछले कुछ समय से ऐसे कई घटनाक्रम देखने को मिले हैं, जिससे शासन की नजरें यहां टिकी हुई थीं।
नए एडीएम के सामने होंगी चुनौतियां
नए एडीएम प्रसून द्विवेदी के सामने जिले की वित्तीय व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से बनाए रखना, लंबित भुगतान निस्तारण, और सरकारी योजनाओं के बजट वितरण को समय पर सुनिश्चित करना प्रमुख चुनौतियां होंगी।वहीं, रितु पुनिया के तबादले के बाद यह देखना दिलचस्प होगा कि शासन उन्हें किस नए दायित्व में नियुक्त करता है। सूत्र बताते हैं कि उन्हें जल्द ही किसी महत्वपूर्ण पद पर तैनाती दी जा सकती है।कुल मिलाकर प्रिंस गौड़ प्रकरण के बीच हुआ यह प्रशासनिक फेरबदल पीलीभीत के प्रशासनिक तंत्र में नई हलचल लेकर आया है। जहां एक ओर रितु पुनिया का स्थानांतरण चर्चा का विषय बना हुआ है, वहीं दूसरी ओर प्रसून द्विवेदी से जिले की वित्तीय प्रणाली में नई ऊर्जा और सख्त अनुशासन की उम्मीदें जताई जा रही हैं।


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