रिंटू वर्मा…
पीलीभीत। स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, पीलीभीत ने स्थापना के मात्र तीन वर्षों के भीतर ही शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। 1 अप्रैल 2023 को शुरू हुए इस संस्थान ने कम समय में अपनी मजबूत पहचान बनाई है और अब उच्च चिकित्सा शिक्षा की दिशा में नया कदम बढ़ाया है।
9 विभागों में 29 पीजी सीटों के लिए NMC से मांगी मान्यता
महाविद्यालय प्रशासन ने 9 प्रमुख विभागों में कुल 29 स्नातकोत्तर (पीजी) सीटों के लिए राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) से मान्यता प्राप्त करने हेतु आवेदन किया है। इनमें एनाटॉमी, फिजियोलॉजी, बायोकेमिस्ट्री, पैथोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, कम्युनिटी मेडिसिन, फॉरेंसिक मेडिसिन एवं टॉक्सिकोलॉजी, ऑप्थल्मोलॉजी और ईएनटी विभाग शामिल हैं। निरीक्षण के बाद जल्द ही इन सीटों को मंजूरी मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
MBBS के बाद अब PG शिक्षा की ओर मजबूत कदम
महाविद्यालय को वर्ष 2024 और 2025 में 100-100 एमबीबीएस सीटों की मान्यता मिल चुकी है। इसके साथ ही 11 पैरामेडिकल पाठ्यक्रमों के संचालन की अनुमति भी प्राप्त हो चुकी है। अब पीजी कोर्स शुरू होने से संस्थान में चिकित्सा शिक्षा का दायरा और अधिक विस्तृत हो जायेगा।
2026-27 सत्र में शुरू हो सकती है नई प्रवेश प्रक्रिया
शैक्षणिक सत्र 2026-27 में NMC की अनुमति मिलने के बाद एमबीबीएस तृतीय वर्ष में प्रवेश शुरू किया जाएगा। साथ ही प्रस्तावित 29 पीजी सीटों पर भी एडमिशन प्रक्रिया शुरू करने की योजना है। इससे पहले मेडिसिन, सर्जरी और पीडियाट्रिक्स में डीएनबी की 7 सीटों पर प्रवेश शुरू हो चुका है।
स्थानीय स्तर पर मिलेगा विशेषज्ञ इलाज, रेफरल में आएगी कमी
महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. संगीता अनेजा ने कहा कि पीजी सीटों की मान्यता मिलने से क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में बड़ा सुधार होगा। इससे मरीजों को उच्च स्तरीय इलाज के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा और अनावश्यक रेफरल की समस्या भी कम होगी।

