रिंटू वर्मा…
उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले ने राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित छात्रवृत्ति परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए पूरे प्रदेश में अपनी अलग पहचान बनाई है। जिले के लिए निर्धारित 160 सीटों में से 157 छात्र-छात्राओं का चयन हुआ, जबकि तीन सीटें अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के लिए आरक्षित थीं, जिन पर कोई आवेदन नहीं हुआ। इस तरह जिले का परीक्षा परिणाम शत-प्रतिशत रहा।
लखनऊ में हुआ सम्मान समारोह
रविवार को लखनऊ के इंदिरा नगर स्थित रानी लक्ष्मी बाई मेमोरियल स्कूल में सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस समारोह में पीलीभीत जिले के पांच शिक्षक-शिक्षिकाओं और जिला समन्वयक को प्रदेश स्तर पर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन कॉलेज ऑफ टीचर एजुकेशन (सीटीई) प्रयागराज की ओर से किया गया था।
इन शिक्षकों को मिला सम्मान
जारी सूची में कंपोजिट स्कूल बरहा के शिक्षक संतोष कुमार खरे, ममता गंगवार, कंपोजिट विद्यालय कैंच के शिक्षक नवनीत पाल सिंह, उच्च प्राथमिक विद्यालय टाह पौटा के शिक्षक अजय कुमार, कंपोजिट विद्यालय ललौरी खेड़ा की शिक्षिका मिथलेश कुमारी तथा जिला समन्वयक राकेश पटेल का नाम शामिल था। सभी को प्रमाण पत्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
अधिकारियों ने बढ़ाया हौसला
सम्मान समारोह में सीटीई के प्राचार्य अजय कुमार सिंह, पूर्व शिक्षा निदेशक बेसिक डॉ. सर्वेंद्र विक्रम बहादुर सिंह सहित अन्य अधिकारियों ने चयनित शिक्षकों को सम्मानित किया। साथ ही जिले के सहयोगी शिक्षक वैभव जैसवार और खेमपाल को भी जनपद स्तर पर प्रमाण पत्र एवं मेडल दिए जाने की घोषणा की गई।
बीएसए ने जताया गर्व
बीएसए रोशनी सिंह ने सभी सम्मानित शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि पूरे जनपद के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि इस सम्मान से पीलीभीत का गौरव पूरे प्रदेश में बढ़ा है और जिले का मस्तक गर्व से ऊंचा हुआ है।

