पीलीभीत। ( रिंटू वर्मा ) मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत शनिवार को ड्रमंड इंटर कॉलेज मैदान में आयोजित विशाल विवाह समारोह सामाजिक एकता, सांस्कृतिक परंपरा और सरकारी योजनाओं की पारदर्शिता का अनोखा संगम बन गया। कुल 492 जोड़ों के विवाह का लक्ष्य निर्धारित था, जिसके सापेक्ष 400 जोड़े कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे और परंपरागत रस्मों के बीच अपने जीवन की नई शुरुआत की। मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में पहुंचे प्रदेश सरकार के मंत्री संजय सिंह गंगवार ने सभी नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद प्रदान किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों की मौजूदगी ने पेश की समरसता की मिसाल
समारोह की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि यह आयोजन आपसी भाईचारे और सद्भाव का जीवंत प्रतीक बन गया।
400 जोड़ों में से 300 हिंदू और 100 मुस्लिम जोड़ों ने अपनी-अपनी धार्मिक परंपराओं के अनुसार विवाह व निकाह की रस्में पूरी कीं। मैदान में दो अलग-अलग मंडप एवं व्यवस्था की गई थीं ताकि दोनों समुदायों की धार्मिक विधियों को सम्मानपूर्वक और शांति से संपन्न कराया जा सके।
- 300 हिंदू जोड़ों ने पारंपरिक मंत्रोच्चार और अग्नि साक्षी के बीच सात फेरे लिए।
- 100 मुस्लिम जोड़ों का निकाह काजी साहब द्वारा इस्लामिक रीतियों के तहत संपन्न कराया गया।
दोनों समुदायों के परिवारों का आपसी सौहार्द और उत्साह पूरे समारोह का विशेष आकर्षण रहा। सात फेरों और निकाह की रस्मों के दौरान परिजनों की भावनाएँ, खुशियाँ और उत्सव का माहौल लगातार देखते ही बन रहा था।
ड्रमंड इंटर कॉलेज मैदान में भव्य तैयारियाँ, प्रशासन ने बनाई आदर्श व्यवस्था
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम को सफलतापूर्वक आयोजित करने के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक और व्यवस्थित तैयारियाँ पहले से ही पूरी कर ली थीं।
ड्रमंड इंटर कॉलेज मैदान को सजावट, मंडप, स्टेज, बैठने की व्यवस्था, सुरक्षा और खानपान की दृष्टि से एक विशाल समारोह स्थल में तब्दील किया गया था।
- जोड़ों और उनके परिजनों के लिए साफ-सुथरी कुर्सियाँ और शेड
- विवाह व निकाह के लिए धर्मानुसार अलग-अलग मंडप
- पर्याप्त पानी, स्वास्थ्य सुविधा और शौचालय
- सुरक्षा व्यवस्था हेतु पुलिस बल और स्वयंसेवक
- रस्मों के संचालन के लिए पंडितों व काजी की अलग व्यवस्था
पूरे मैदान में उत्सव के रंग बिखरे हुए थे। शहनाई की धुनें, मंगलगीत, धार्मिक मंत्रोच्चार और परिवारों का उल्लास वातावरण को लगातार ऊर्जा प्रदान कर रहा था।
बायोमेट्रिक सत्यापन बना आकर्षण का केंद्र, 10 स्टॉलों से बढ़ी पारदर्शिता

योजना की पारदर्शिता और प्रक्रियागत शुचिता सुनिश्चित करने के लिए इस बार 10 बायोमेट्रिक स्टॉल लगाए गए थे।
हर जोड़े का विवाह से पूर्व बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य रूप से करवाया गया। यह प्रक्रिया सरकार द्वारा इस योजना को डिजिटल, सुरक्षित, सुव्यवस्थित और पारदर्शी बनाने का एक महत्वपूर्ण कदम है।इन स्टॉलों पर जोड़ों की पहचान की पुष्टि की गई, जिससे किसी भी अनियमितता की संभावना समाप्त हो गई। प्रशासन के अधिकारियों और कर्मचारियों ने सुबह से ही इन स्टॉलों पर उपस्थित रहकर यह सुनिश्चित किया कि विवाह प्रक्रिया में कोई बाधा न आए।
दहेज सामग्री का आकर्षक स्टॉल बना परिवारों की खुशी का कारण

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत प्रत्येक नवविवाहित जोड़े को सरकार द्वारा घरेलू सामग्री का एक विस्तृत पैकेज दिया जाता है।
कार्यक्रम स्थल पर स्थापित एक बड़ा और आकर्षक “दहेज सामग्री स्टॉल” लोगों के बीच चर्चा का विषय रहा।
इस स्टॉल से हर जोड़े को उपलब्ध कराए गए सामान।
- बिस्तर
- बर्तन व रसोई सामग्री
- पंखा
- घड़ी
- और अन्य आवश्यक घरेलू सामान
इन वस्तुओं को प्राप्त कर नवविवाहित जोड़ों और उनके परिजनों के चेहरे पर संतोष और खुशी देखते ही बन रही थी। कई परिवारों ने कहा कि यह योजना गरीब तबके के लिए बहुत बड़ी सहायता साबित हो रही है और इससे उनके आर्थिक बोझ में भारी कमी आती है।
सामाजिक एकता का अनोखा समारोह बन गया यह आयोजन
कार्यक्रम में हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों के 400 जोड़ों का एक मंच पर विवाह और निकाह होना जिले में सामाजिक सद्भाव का आदर्श उदाहरण बना। इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि एकता, भाईचारा और समरसता ही समाज की असली पहचान है।
शहनाई की मधुर धुनें, ढोल-नगाड़ों की ताल और मंगल गीतों ने उत्सव को और भी जीवंत बना दिया।
मुख्य अतिथि संजय सिंह गंगवार का संबोधन: ‘योजना गरीब परिवारों के लिए बड़ा संबल’
मुख्य अतिथि मंत्री संजय सिंह गंगवार ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए बहुत बड़ी राहत है।
उन्होंने कहा कि—
“यह योजना न केवल आर्थिक सहयोग प्रदान करती है, बल्कि समाज में समानता और एकजुटता को भी बढ़ावा देती है। सरकार का उद्देश्य है कि हर बेटी की शादी सम्मानपूर्वक हो, चाहे परिवार की आर्थिक स्थिति कुछ भी हो।”
मंत्री ने सभी नवविवाहित जोड़ों को सुखद, समृद्ध और सफल वैवाहिक जीवन की शुभकामनाएँ दीं।
400 जोड़ों ने मुस्कुराते हुए नई जिंदगी की शुरुआत की
पूरे दिन चले इस भव्य कार्यक्रम का समापन भावुक और खुशी से भरे माहौल में हुआ।
400 जोड़े अपने परिवारों, रिश्तेदारों और प्रशासन के सहयोग से नई जिंदगी की ओर अग्रसर हुए।
यह समारोह पीलीभीत जिले के लिए एक यादगार दिन बन गया, जहाँ सरकारी योजना, प्रशासनिक व्यवस्था, धार्मिक विविधता, सामाजिक समरसता और खुशी एक मंच पर इकट्ठा दिखाई दी।


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