रिंटू वर्मा…
पीलीभीत।विश्व हैंड हाइजीन डे और वर्ल्ड अस्थमा डे के अवसर पर स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय एवं संबद्ध चिकित्सालय, पीलीभीत ने रोगी सुरक्षा और उन्नत श्वसन देखभाल के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। प्राचार्य डॉ. संगीता अनेजा के नेतृत्व में संस्थान अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप क्रिटिकल केयर सेवाओं को लगातार मजबूत कर रहा है।
संक्रमण रोकथाम में हैंड हाइजीन सबसे बड़ा हथियार
आईसीयू प्रभारी डॉ. अरविंद एम ने कहा कि हैंड हाइजीन आधुनिक चिकित्सा की आधारशिला है। यह हॉस्पिटल-अक्वायर्ड इन्फेक्शन्स को रोकने का सबसे प्रभावी तरीका है। खासकर आईसीयू जैसे संवेदनशील वातावरण में स्वच्छ हाथ केवल नियम नहीं, बल्कि जीवन बचाने का माध्यम हैं।
आईसीयू में संक्रमण नियंत्रण के लिए सख्त व्यवस्थाएं लागू हैं—
- डब्ल्यूएचओ के “फाइव मोमेंट्स फॉर हैंड हाइजीन” का पूर्ण पालन
- हर बेडसाइड पर सैनिटाइजेशन की सुविधा
- नर्सिंग स्टाफ व पैरामेडिक्स के लिए नियमित प्रशिक्षण
अस्थमा प्रबंधन में ‘इनहेलर-फर्स्ट’ अप्रोच
वर्ल्ड अस्थमा डे पर आईसीयू टीम ने श्वसन रोगों के समग्र प्रबंधन पर विशेष जोर दिया। विभाग “इनहेलर-फर्स्ट” नीति अपनाते हुए मरीजों को दीर्घकालिक देखभाल और जागरूकता से जोड़ रहा है।
डॉ. अरविंद एम ने बताया कि लक्ष्य यह है कि कोई भी मरीज रोके जा सकने वाले अस्थमा अटैक के कारण दोबारा आईसीयू में भर्ती न हो। इसके लिए सही इनहेलर तकनीक, नियमित उपचार और मरीज की समझ बढ़ाना बेहद जरूरी है।
जनता के लिए जरूरी स्वास्थ्य संदेश
डॉक्टरों ने आम लोगों को जागरूक करते हुए बताया—
- बोलने में दिक्कत, सीने में जकड़न या इनहेलर से राहत न मिले तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें
- इनहेलर की लत नहीं लगती, यह सुरक्षित और असरदार इलाज है
- सही उपचार से अस्थमा मरीज भी सामान्य जीवन जी सकते हैं

हाई-स्टैंडर्ड हेल्थकेयर के लिए प्रतिबद्ध संस्थान
प्राचार्य डॉ. संगीता अनेजा ने कहा कि ऐसे आयोजन अस्पताल प्रोटोकॉल और जनजागरूकता के बीच की दूरी को कम करते हैं। मेडिकल कॉलेज का आईसीयू आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञों से लैस है, जो क्षेत्रवासियों को उच्चस्तरीय चिकित्सा सेवाएं देने के लिए समर्पित है।
जागरूकता अभियान जारी रहेगा
मीडिया प्रभारी डॉ. अरुण सिंह ने बताया कि संस्थान भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रम और प्रेस नोट जारी करता रहेगा, ताकि लोगों तक सही चिकित्सा जानकारी पहुंचे और स्वास्थ्य संबंधी भ्रांतियां दूर हों।

