पीलीभीत मेडिकल कॉलेज में सीएमई का भव्य आयोजन, विशेषज्ञों ने साझा किया चिकित्सा ज्ञान

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रिंटू वर्मा…

पीलीभीत। स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय एवं सम्बद्ध चिकित्सालय, पीलीभीत के जैव रसायन विभाग द्वारा रविवार को “ब्रिजिंग मॉलीक्यूल्स टू मेडिसिन” विषय पर एक दिवसीय सतत चिकित्सा शिक्षा कार्यक्रम (सीएमई सह बायोकेमिस्ट्री मॉडल एग्जीबिशन) का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन एसोसिएशन ऑफ क्लिनिकल केमिस्ट्री एंड लैब मेडिसिन प्रैक्टिशनर्स (एसीसीएलएमपी) के तत्वावधान में हुआ, जिसमें देश के विभिन्न प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थानों के विशेषज्ञों, प्राध्यापकों, चिकित्सकों और विद्यार्थियों ने सहभागिता की।

पीलीभीत मेडिकल कॉलेज तेजी से बन रहा उत्कृष्ट शिक्षा का केंद्र

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. दिनेश पुरी ने महाविद्यालय की आधुनिक व्यवस्थाओं, शैक्षणिक वातावरण और संकाय सदस्यों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि पीलीभीत मेडिकल कॉलेज तेजी से उत्कृष्ट चिकित्सा शिक्षा के केंद्र के रूप में उभर रहा है।

विशिष्ट अतिथि डॉ. किरण भट्ट ने संस्थान की भव्यता एवं शैक्षणिक माहौल की प्रशंसा करते हुए इसकी तुलना “ताजमहल” से की। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय का अधोसंरचनात्मक और अकादमिक विकास अत्यंत प्रभावशाली है।

आधुनिक चिकित्सा विज्ञान के समसामयिक विषयों पर हुई चर्चा

सीएमई में आधुनिक प्रयोगशाला तकनीकों, कार्डियक एवं ऑन्को-बायोमार्कर्स, जीवनशैली जनित रोगों, क्वालिटी इंडिकेटर्स, जीन एडिटिंग, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित डायग्नोस्टिक्स, एबीजी और इलेक्ट्रोलाइट्स की क्लिनिकल व्याख्या जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत अकादमिक चर्चा हुई।

इस दौरान डॉ. कल्पना सिंह, डॉ. रीना रानी, डॉ. प्रतिभा गवेल, डॉ. पी. उषा किरण, डॉ. मनोज गुप्ता, डॉ. तारिक महमूद तथा डॉ. अरविंद एम सहित अनेक विशेषज्ञों ने अपने व्याख्यान प्रस्तुत किए।

पोस्टर, मॉडल और क्विज़ प्रतियोगिताओं में दिखा विद्यार्थियों का उत्साह

कार्यक्रम के अंतर्गत पोस्टर प्रतियोगिता, मॉडल प्रतियोगिता, क्विज़ और केस आधारित इंटरैक्टिव लर्निंग सत्रों का भी आयोजन किया गया। इन गतिविधियों में विद्यार्थियों, इंटर्न्स और प्रतिभागियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। विभिन्न विभागों के विशेषज्ञों ने निर्णायक एवं समन्वयक के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

सीएमई में फैकल्टी सदस्यों, चिकित्सकों, स्नातक एवं स्नातकोत्तर विद्यार्थियों, इंटर्न्स तथा चिकित्सालय स्टाफ की बड़ी भागीदारी देखने को मिली। पूरे कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों में विशेष उत्साह, जिज्ञासा और अकादमिक रुचि बनी रही।

आधुनिक लैब साइंस और क्लिनिकल मेडिसिन के बीच समन्वय पर जोर

कार्यक्रम की आयोजन सचिव एवं जैव रसायन विभागाध्यक्ष डॉ. शिखा सक्सेना ने बताया कि इस सीएमई का मुख्य उद्देश्य आधुनिक प्रयोगशाला विज्ञान और क्लिनिकल चिकित्सा के बीच समन्वय स्थापित करना तथा विद्यार्थियों और चिकित्सकों को नवीनतम वैज्ञानिक प्रगति से अवगत कराना था।

महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. संगीता अनेजा ने सरस्वती वंदना एवं वंदे मातरम् के पश्चात स्वागत भाषण में कहा कि ऐसे अकादमिक कार्यक्रम चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता को मजबूत करने के साथ-साथ युवा चिकित्सकों और विद्यार्थियों को आधुनिक चिकित्सा विज्ञान की नवीनतम अवधारणाओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने विभिन्न राज्यों से आए विशेषज्ञ चिकित्सकों, प्रोफेसरों एवं अतिथियों का स्वागत एवं सम्मान किया।

सफल आयोजन के लिए जताया आभार

आर्गेनाइजिंग चेयरमैन डॉ. प्रेमचंद श्रीवास्तव ने कार्यक्रम की सफलता के लिए सभी विशेषज्ञों, प्रतिभागियों, संकाय सदस्यों, विद्यार्थियों, मीडिया प्रतिनिधियों, कर्मचारियों और सुरक्षाकर्मियों का आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर डॉ. गिरीश कुमार अनेजा, डॉ. अरुण सिंह, डॉ. जगदंबा शरण, डॉ. श्रेयशी वक्श, डॉ. मुकेश पांडेय, डॉ. ज्योति त्रिवेदी, डॉ. प्रदीप शेखावत, डॉ. पवन जोशी और डॉ. सौरभ राय सहित अनेक चिकित्सक एवं संकाय सदस्य उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ. जारा एवं डॉ. हुमा खान द्वारा प्रभावशाली एवं सुव्यवस्थित ढंग से किया गया।


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