पीलीभीत : गोरखपुर के योगिराज गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में सम्पन्न विश्व हिन्दू महासंघ का अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन और प्रांतीय अधिवेशन इस बार कई महत्वपूर्ण क्षणों का गवाह बना। पूरे अधिवेशन में पीलीभीत ने न केवल उपस्थिति दर्ज कराई, बल्कि अपनी सक्रिय भूमिका और उत्कृष्ट कार्यों से संगठन में एक नई पहचान भी स्थापित की। अधिवेशन में पीलीभीत के तीन प्रमुख पदाधिकारियों को मिले प्रतिष्ठित सम्मान इस बात का प्रमाण हैं कि जिले में संगठनात्मक ऊर्जा और नेतृत्व का स्तर निरंतर मजबूत हो रहा है।
विश्व हिन्दू महासंघ के जिलाध्यक्ष नितिन राठौर को मिला “गुरु गोरक्षनाथ सर्वोच्च सम्मान
सम्मेलन में सबसे प्रमुख आकर्षण रहा विश्व हिन्दू महासंघ के जिलाध्यक्ष नितिन राठौर को मिला “गुरु गोरक्षनाथ सर्वोच्च सम्मान”। यह सम्मान न केवल उनके व्यक्तित्व और कार्यशैली की सराहना है, बल्कि उनके द्वारा हिंदुत्व की रक्षा, सामाजिक सेवा और संगठन विस्तार के लिए किए गए समर्पित प्रयासों की आधिकारिक पहचान भी है। उनके इस सम्मान को पूरे जिले में गर्व की नजर से देखा जा रहा है।
वरिष्ठ अधिवक्ता एवं प्रदेश उपाध्यक्ष (विधि प्रकोष्ठ) अंशुल गौरव सिंह, जिला उपाध्यक्ष आकाश मौर्य को “योगी आदित्यनाथ हिन्दू रत्न सम्मान” से किया सम्मानित 
इसी मंच पर पीलीभीत के दो और पदाधिकारियों—वरिष्ठ अधिवक्ता एवं प्रदेश उपाध्यक्ष (विधि प्रकोष्ठ) अंशुल गौरव सिंह तथा जिला उपाध्यक्ष आकाश मौर्या—को “योगी आदित्यनाथ हिन्दू रत्न सम्मान” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान स्पष्ट करता है कि पीलीभीत अब केवल सहभागी जिला नहीं रहा, बल्कि एक ऐसी संस्कारभूमि बन चुका है जहाँ से विचारशील, ऊर्जावान और जिम्मेदार नेतृत्व निरंतर उभर रहा है।सम्मेलन में हिंदुत्व के वास्तविक स्वरूप, उसकी सांस्कृतिक गहराई और योगी आदित्यनाथ के राष्ट्रवादी मिशन पर व्यापक चर्चा हुई। कार्यक्रम में यह भी स्पष्ट किया गया कि हिंदुत्व केवल विचारधारा नहीं, बल्कि सेवा का मार्ग और राष्ट्र के सांस्कृतिक ताने-बाने को मजबूत करने की जीवनशैली है। इस चर्चा को भविष्य की कार्ययोजना से जोड़कर संगठन के विकास की दिशा भी निर्धारित की गई।अधिवेशन की विशेषता रही नेपाल सहित अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधियों की उपस्थिति। अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्षा अस्मिता भंडारी, श्याम बिहारी गुप्ता, सत्यानंद गिरी महाराज, यूपी महिला आयोग की उपाध्यक्ष, नेपाल पर्यटन बोर्ड अधिकारी, संस्कृति बोर्ड सदस्य राकेश श्रीवास्तव सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई। इससे स्पष्ट हुआ कि हिंदुत्व का प्रभाव अब सीमाओं से परे एक वैश्विक सांस्कृतिक आंदोलन का रूप ले चुका है।पीलीभीत के इन तीनों प्रतिनिधियों को मिले सम्मान यह संदेश देते हैं कि समर्पण और कर्म की कीमत संगठन सदा पहचानता है। पीलीभीत ने इस अधिवेशन में केवल सहभागिता नहीं की, बल्कि नेतृत्व और संस्कार का ऐसा परिचय दिया जिसने जिले की पहचान को नई ऊँचाई दी।

