रिंटू वर्मा…
पीलीभीत। पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) की माला रेंज में गश्त के दौरान घायल अवस्था में मिली करीब आठ वर्षीय बाघिन की उपचार के दौरान मौत हो गई। वन विभाग की टीम ने उसे तत्काल रेस्क्यू कर माला रेंज कार्यालय लाकर चिकित्सकीय निगरानी में उपचार शुरू कराया था, लेकिन देर रात उसकी हालत बिगड़ने पर उसने दम तोड़ दिया।
जानकारी के अनुसार रविवार तड़के करीब पांच बजे नियमित गश्त के दौरान वनकर्मियों को माला रेंज के जंगल में बाघिन गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिली। सूचना मिलते ही विभागीय अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची और बाघिन को सुरक्षित रेस्क्यू कर उपचार के लिए माला रेंज लाई गई। वन्यजीव चिकित्सकों की निगरानी में उसका इलाज किया गया, लेकिन सभी प्रयासों के बावजूद देर रात उसकी मौत हो गई।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार प्रथम दृष्टया बाघिन के शरीर पर मिले घावों से आशंका जताई जा रही है कि वह किसी अन्य बाघ से हुए आपसी संघर्ष में गंभीर रूप से घायल हुई थी। हालांकि, मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।
मृत बाघिन के शव को विधिक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई), बरेली भेज दिया गया है। वन विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

