रिंटू वर्मा…
पीलीभीत। रक्षाबंधन के पर्व पर जब बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनकी लंबी उम्र और सुरक्षा की कामना की, तब उत्तर प्रदेश पीलीभीत टाइगर रिजर्व में एक अनोखा दृश्य देखने को मिला। यहां बहनों ने पेड़-पौधों को अपना भाई मानते हुए उनकी टहनियों पर रक्षासूत्र बांधा और जीवनभर उनकी सुरक्षा व संरक्षण का संकल्प लिया। प्रकृति के साथ रिश्तों की इस अनूठी डोर ने रक्षाबंधन के संदेश को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ते हुए समाज को एक प्रेरक संदेश दिया।
भाई-बहन के अटूट प्रेम, विश्वास और सुरक्षा के पर्व रक्षाबंधन को पीलीभीत टाइगर रिजर्व ने पर्यावरण संरक्षण से जोड़कर एक अनूठा और प्रेरणादायक संदेश दिया। पीलीभीत-बनकटी मार्ग स्थित फील्ड डायरेक्टर कार्यालय के सामने आयोजित विशेष वृक्षारोपण कार्यक्रम में बहनों ने नवरोपित पौधों को राखी बांधकर उनकी सुरक्षा और संरक्षण का संकल्प लिया।
शुक्रवार को आयोजित इस भावनात्मक कार्यक्रम में पीलीभीत रेंज क्षेत्र में उत्साहपूर्वक पौधरोपण किया गया। पीटीआर कॉलोनी से पहुंची बहनों ने वन अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ मिलकर पौधे रोपे। इसके बाद बहनों ने पौधों की टहनियों पर रक्षासूत्र बांधते हुए संदेश दिया कि जिस तरह बहन अपने भाई की लंबी उम्र और सुरक्षा की कामना करती है, उसी प्रकार धरती और पर्यावरण की रक्षा करना भी हम सभी की जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रभागीय वन अधिकारी, पीलीभीत टाइगर रिजर्व मनीष सिंह मौजूद रहे। उनके साथ उप प्रभागीय वन अधिकारी (वन एवं वन्यजीव प्रभाग) रमेश चौहान, क्षेत्रीय वन अधिकारी विनीत प्रकाश श्रीवास्तव तथा उप क्षेत्रीय वन अधिकारी शेरसिंह सहित वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
वन अधिकारियों ने बहनों के इस अभिनव प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के रिश्ते का पर्व नहीं, बल्कि संरक्षण और जिम्मेदारी का भी प्रतीक है। जिस प्रकार भाई अपनी बहन की रक्षा का वचन देता है, उसी भावना के साथ हमें पेड़-पौधों, जंगलों और वन्यजीवों की सुरक्षा का संकल्प लेना चाहिए।

