पीलीभीत। खेत पर काम करने गए एक बुजुर्ग पर बाघ ने अचानक हमला कर दिया। बाघ बुजुर्ग के एक पैर को बुरी तरह नोच चुका था। घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और शोर-शराबा कर बाघ को जंगल की ओर खदेड़ा। गंभीर रूप से घायल बुजुर्ग को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन हालत नाजुक होने पर रेफर किए जाने के बाद रास्ते में उनकी मौत हो गई। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने शव को रामनगर तिराहे पर रखकर विरोध प्रदर्शन किया। बाघ के हमले की इस घटना से पूरे क्षेत्र में दहशत और सनसनी का माहौल है।
मामला पीलीभीत क्षेत्र के शांति नगर का बताया जा रहा है। यहां के निवासी मुंशी प्रसाद (65 वर्ष) केले के खेत में काम करने गए थे। इसी दौरान अचानक बाघ ने उन पर हमला कर दिया। बताया जाता है कि बाघ ने बुजुर्ग को गंभीर रूप से घायल कर दिया और उनके एक पैर को बुरी तरह नोच डाला।
बुजुर्ग की चीख-पुकार और घटना की जानकारी मिलने पर आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने शोर-शराबा करते हुए बाघ को भगाने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद बाघ वहां से चला गया, जिसके बाद ग्रामीण गंभीर रूप से घायल मुंशी प्रसाद को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे।
अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने बुजुर्ग की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें बेहतर उपचार के लिए पलिया रेफर कर दिया। परिजनों और ग्रामीणों के अनुसार, पलिया ले जाते समय रास्ते में ही मुंशी प्रसाद ने दम तोड़ दिया।
बुजुर्ग की मौत की खबर फैलते ही ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। गुस्साए ग्रामीणों ने शव को रामनगर तिराहे पर रखकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में बाघ की लगातार मौजूदगी से लोगों में भय का माहौल बना हुआ है और खेतों में काम करने जाना भी खतरे से खाली नहीं है।
घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है। ग्रामीण वन विभाग से बाघ की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाने और लोगों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग कर रहे हैं। सूचना मिलने के बाद संबंधित विभागों के अधिकारियों के मौके पर पहुंचने की बात कही जा रही है। घटना को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का दौर जारी है।

