पीलीभीत : अखिल भारतीय शिक्षक संघर्ष मोर्चा के आवाहन पर 24 नवंबर को दिल्ली के जंतर–मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन की तैयारी को लेकर बुधवार को मरौरी ब्लॉक के ब्लॉक संसाधन केंद्र में एक महत्त्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न शिक्षक संगठनों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे।
“टीईटी हमसे डर नहीं, लेकिन पुरानी सेवा पर लागू करना अन्याय”—बाबूराम गंगवार
बैठक की अध्यक्षता प्राथमिक शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष बाबूराम गंगवार ने की। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को टीईटी से कोई भय नहीं है, लेकिन 15 से 20 वर्ष सेवा देने के बाद टीईटी अनिवार्यता थोपना बिल्कुल अनुचित है। उन्होंने सरकार से मांग की कि 2011 से पहले नियुक्त सभी शिक्षकों को टीईटी अनिवार्यता से मुक्त किया जाए।
शिक्षकों से अपील—“दिल्ली पहुंचकर अपनी आवाज मजबूती से उठाएं
यूटा के जिला मंत्री मोहम्मद अकरम ने कहा कि शिक्षकों की इस समस्या पर सरकार को सहानुभूति के साथ विचार करना चाहिए। उन्होंने उपस्थित शिक्षकों से अधिक से अधिक संख्या में 24 नवंबर को दिल्ली पहुंचकर अपनी आवाज बुलंद करने की अपील की।
“2011 से पहले टीईटी लागू नहीं था, तो अब कैसे बाध्य किया जा सकता है”—लाल करन
जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष लाल करन ने कहा कि यदि टीईटी से मुक्त होना है तो सभी शिक्षकों को एकजुट होकर सरकार पर दबाव बनाना होगा। उन्होंने कहा कि जब 2011 में टीईटी लागू नहीं था, तो उस समय नियुक्त शिक्षकों पर अब टीईटी अनिवार्य करना तर्कसंगत नहीं है।
शिक्षकों ने एकजुट होकर आंदोलन को सफल बनाने का लिया संकल्प
बैठक में 24 नवंबर के दिल्ली आंदोलन को सफल बनाने के लिए रणनीति तय की गई और जिम्मेदारियों का वितरण किया गया। शिक्षकों ने दिल्ली प्रदर्शन में अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने का संकल्प लिया।
इन पदाधिकारियों की उपस्थिति रही
बैठक में जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष लाल करन, यूटा के महामंत्री मोहम्मद अकरम, प्राथमिक शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष बाबूराम गंगवार, यूटा के कोषाध्यक्ष कृष्ण कुमार सागर, नन्द किशोर गंगवार, कृष्ण कुमार रजक, अजय कुमार, सतेन्द्र कुमार, त्रिलोकी नाथ, राजेश कुमार, राम प्यारे राम, सुनील भारती समेत विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी और शिक्षक उपस्थित रहे।


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