विदेशी पर्यटकों की बढ़ती संख्या ने बढ़ाई पीटीआर की अंतरराष्ट्रीय चमक,पर्यटन सत्र के 28 दिनों में 54 विदेशी सैलानी ने किया जंगल का दीदार।

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( रिंटू वर्मा )

पीलीभीत।  प्राकृतिक सौंदर्य, घने साल के जंगल और ‘मैन–टाइगर को-एक्सिस्टेंस’ का अनोखा अनुभव—पीलीभीत टाइगर रिजर्व इन दिनों पर्यटकों के आकर्षण का बड़ा केंद्र बना हुआ है। 01 नवंबर से शुरू हुए पर्यटन सत्र के मात्र 28 दिनों में 4000 से अधिक देश–विदेश के पर्यटक जंगल सफारी का आनंद उठा चुके हैं। यह संख्या हर वर्ष की तुलना में अधिक उत्साहजनक मानी जा रही है। इनमें से 54 विदेशी पर्यटकों का पीटीआर पहुंचना रिजर्व प्रशासन के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।हवा में घुली जंगल की महक, खुली जीप में सवार होकर घने जंगलों से गुजरने का रोमांच और बाघों की दहाड़ की उम्मीद इन सबके बीच पीटीआर पहुंचने वाले सैलानियों ने प्रकृति की इस अनोखी दुनिया को करीब से महसूस किया। पर्यटन विभाग के अनुसार विदेशी पर्यटकों को इस दौरान बाघ, हिरन, सियार, मोर, काले हिरण, बारहसिंगा और विभिन्न प्रजातियों के पक्षियों के भी दर्शन हुए हैं, जो उनके लिए अविस्मरणीय अनुभव साबित हुए।

पीटीआर की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय पहचान

पिछले कुछ वर्षों में पीलीभीत टाइगर रिजर्व ने देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी अपनी एक अलग पहचान बनाई है। जंगल सफारी के लिए कभी केवल कॉर्बेट, काना, बंदीपुर और रणथंभौर जैसे रिज़र्व प्रसिद्ध थे, लेकिन अब पीलीभीत भी अपनी विशिष्टता के कारण एक नया अंतरराष्ट्रीय वाइल्डलाइफ टूरिज्म हब बनकर उभर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि पीटीआर में बाघों की बढ़ती संख्या, सुरक्षित जंगल, साइलेंट सफारी और टाइगर मूवमेंट का अनुकूल वातावरण विदेशी सैलानियों को खासतौर पर आकर्षित कर रहा है। यही कारण है कि लगातार हर वर्ष विदेशी मेहमानों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज हो रही है।

10 वर्षों का रिकॉर्ड : 794 विदेशी सैलानी कर चुके हैं पीटीआर का दीदार

पर्यटन सत्र 2014–15 से लेकर 2024–25 तक कुल 794 विदेशी पर्यटक पीलीभीत टाइगर रिजर्व की सैर कर चुके हैं। यह आंकड़ा बताता है कि पीटीआर की लोकप्रियता किस तेजी से विश्व स्तर पर बढ़ी है।

विभिन्न सत्रों में पहुंचे विदेशी सैलानियों का विवरण

2014–15 : 10 विदेशी सैलानी
2015–16 : 13 विदेशी सैलानी
2016–17 : 15 विदेशी सैलानी
2017–18 : 16 विदेशी सैलानी
2018–19 : 23 विदेशी सैलानी
2019–20 : 13 विदेशी सैलानी
*2020–21 : 02 विदेशी सैलानी (कोविड महामारी का प्रभाव)
2021–22 : 07 विदेशी सैलानी
2022–23 : 54 विदेशी सैलानी
2023–24 : 189 विदेशी सैलानी
2024–25 : 452 विदेशी सैलानी (अब तक का सर्वाधिक रिकॉर्ड)

वर्ष 2023- 24 विदेशी पर्यटकों का आंकड़ा 452 तक पहुंचना रिज़र्व प्रशासन के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। यह पहली बार है जब पीलीभीत में एक ही सत्र में इतने ज्यादा विदेशी मेहमान पहुंचे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार यह वृद्धि इस बात का स्पष्ट संकेत है कि पीलीभीत टाइगर रिजर्व अब अंतरराष्ट्रीय सूची में सबसे तेजी से लोकप्रिय होने वाले वाइल्डलाइफ डेस्टिनेशनों में शामिल हो चुका है।

पीटीआर क्यों बन रहा है पर्यटकों का पसंदीदा ठिकाना?

पीलीभीत टाइगर रिजर्व को लेकर पर्यटकों में बढ़ती रुचि के पीछे कई कारण बताए जाते हैं—

* यहाँ बाघ दिखने की संभावना काफी अधिक रहती है।
* घने जंगल, नदियाँ और जैव विविधता बेजोड़ है।
* भीड़भाड़ रहित सुरक्षित सफारी अनुभव मिलता है।
* अंतरराष्ट्रीय स्तर के गाइड और बेहतर ट्रैकिंग सुविधा उपलब्ध है।
* प्राकृतिक सौंदर्य और शांत वातावरण प्रकृति प्रेमियों को आकर्षित करता है।

विदेशी सैलानियों ने तो पीटीआर को इंडिया का हिडन टाइगर ट्रेज़र ’ तक कहना शुरू कर दिया है।

 

अंतरराष्ट्रीय आकर्षण बनने की ओर बढ़ता पीलीभीत

लगातार बढ़ती विदेशी पर्यटकों की संख्या यह साबित करती है कि पीलीभीत टाइगर रिजर्व केवल एक पर्यटन स्थल भर नहीं, बल्कि भारत की उभरती वाइल्डलाइफ धरोहर बन चुका है।रिज़र्व प्रशासन का दावा है कि आने वाले वर्षों में यह संख्या और भी बढ़ेगी और पीटीआर विश्व पर्यटन मानचित्र पर और अधिक मजबूत उपस्थिति दर्ज कराएगा।


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