(रिंटू वर्मा)
पीलीभीत। उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जनपद में महिलाओं की सुरक्षा और त्वरित सहायता तंत्र को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए शासन ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। जिले में अब एक और नवीन वन स्टॉप सेंटर खोले जाने की मंजूरी दे दी गई है। यह नया केंद्र पूरनपुर में स्थापित किया जाएगा, जिससे स्थानीय स्तर पर मदद लेने वाली महिलाओं को काफी राहत मिलेगी। शासन की अनुमति मिलते ही जिला प्रशासन ने इससे संबंधित तैयारियां तेज कर दी हैं।
पूरनपुर में खुलेगा नया वन स्टॉप सेंटर
पूरनपुर क्षेत्र में वन स्टॉप सेंटर स्थापित होने से अब महिलाओं को सहायता के लिए जिला मुख्यालय तक नहीं जाना पड़ेगा। ग्रामीण, दूरस्थ एवं सीमाई क्षेत्रों की महिलाएँ भी बिना किसी देरी के अपने ही क्षेत्र में सहायता प्राप्त कर सकेंगी। यह पहल महिलाओं के अधिकारों, सुरक्षा और सम्मान को मजबूत करने की दिशा में बेहद अहम मानी जा रही है।
भूमि चयन की प्रक्रिया शुरू, निर्माण कार्य शीघ्र
नवीन वन स्टॉप सेंटर की स्वीकृति के बाद जिला प्रोबेशन अधिकारी अनुराग श्याम रस्तोगी ने पूरनपुर में केंद्र के लिए उपयुक्त भूमि खोजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। विभिन्न स्थलों का निरीक्षण किया जा रहा है, जहाँ केंद्र का स्थायी भवन निर्मित किया जा सके। जिले की प्रशासनिक मशीनरी इस परियोजना को प्राथमिकता पर लेकर आगे बढ़ा रही है ताकि जल्द से जल्द निर्माण कार्य शुरू किया जा सके।भूमि चयन की प्रक्रिया पूर्ण होते ही शासन द्वारा स्वीकृत बजट के अनुसार भवन निर्माण शुरू कर दिया जाएगा। अनुमान है कि अगले कुछ महीनों में सेंटर का स्थायी भवन तैयार हो जाएगा, जिससे यहां की महिलाओं को अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित वातावरण में सभी सेवाएँ मिल सकेंगी।
किराए की इमारत से शुरू होगा संचालन
जब तक स्थायी भवन का निर्माण नहीं हो जाता, तब तक वन स्टॉप सेंटर को पूरनपुर में ही किराए की इमारत में संचालित किया जाएगा। इसके लिए जिला प्रोबेशन अधिकारी ने उपयुक्त इमारत को किराए पर लेने की कवायद भी शुरू कर दी है। प्रशासन की कोशिश है कि जल्द से जल्द केंद्र का संचालन शुरू कर दिया जाए ताकि जरूरतमंद महिलाओं को तत्काल राहत और सहायता उपलब्ध हो सके।
मेडिकल कॉलेज में संचालित है पहला वन स्टाप सेंटर
पहला सखी वन स्टाफ सेंटर पीलीभीत के मेडिकल कॉलेज में संचालित है जहां महिलाओं को पूरी सुविधाएं मिल रही हैं।वर्ष 2015 से संचालित सखी वन स्टॉप सेंटर योजना जिला अस्पताल कैंपस में संचालित है। यहां अल्पावास की सुविधा, मेडिकल सहायता, विधिक सहायता, नि:शुल्क परामर्श, पुलिस सहायता भी मिल रही है।अब पूरनपुर क्षेत्र में दूसरा संचालित किया जाएगा सखी वन स्टाप सेंटर।
वन स्टॉप सेंटर क्यों है महत्वपूर्ण?
वन स्टॉप सेंटर महिलाओं को किसी भी तरह की हिंसा या उत्पीड़न की स्थिति में एक ही स्थान पर सभी आवश्यक सेवाएँ प्रदान करता है। इसका उद्देश्य पीड़ित महिलाओं को मानसिक, सामाजिक, चिकित्सा और कानूनी रूप से सहारा देना है। केंद्र में 24×7 उपलब्ध सुविधाओं में शामिल हैं—
* चिकित्सा सहायता
* काउंसलिंग एवं मनोवैज्ञानिक परामर्श
* पुलिस और कानूनी सहायता
* FIR में मदद
* वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में बयान
* 5 दिन तक का अस्थायी आश्रय
* 181 महिला हेल्पलाइन से समन्वय
नवीन वन स्टॉप सेंटर खुलने से पूरनपुर क्षेत्र में इन सेवाओं की पहुंच और अधिक आसान हो जाएगी, खासकर उन महिलाओं के लिए जो दूरी या संसाधनों की कमी के कारण मदद नहीं ले पाती थीं।
महिलाओं के लिए बड़ी सौगात
पीलीभीत में पहले से संचालित वन स्टॉप सेंटर ने हजारों महिलाओं को राहत और न्याय दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। दूसरे केंद्र के संचालन से जिले की महिलाओं, विशेषकर ग्रामीण और गरीब वर्ग की महिलाओं, को समय पर सहायता मिलने में और भी सुविधा होगी।पूरनपुर में खुलने वाला यह नया केंद्र शासन की उस सोच को दर्शाता है जिसके तहत महिलाओं को सुरक्षित वातावरण, कानूनी सहारा और सहायता देने के लिए सुविधाओं का विस्तार लगातार किया जा रहा है।
जिला प्रशासन का कहना है कि केंद्र के पूर्ण रूप से संचालित होने के बाद महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं में नई प्रभावशीलता आएगी और जनपद पीलीभीत प्रदेश के उन जिलों में शामिल होगा जहाँ महिला सुरक्षा तंत्र सर्वाधिक मजबूत है।

