पीलीभीत। धान खरीद को लेकर लगातार आ रही शिकायतों और उठ रहे सवालों ने शासन का ध्यान गंभीरता से आकर्षित किया है। इसके बाद अब पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए जिला प्रशासन ने विशेष कदम उठाए हैं। शासन के निर्देश पर जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने धान खरीद में किसी भी प्रकार की अनियमितता न होने देने का संकल्प जताते हुए सभी विभागों और एजेंसियों को स्पष्ट एवं सख्त निर्देश जारी किए हैं।
क्रय केंद्रों पर धान की 100 प्रतिशत वीडियोग्राफी अनिवार्य
डीएम ने आदेश दिया कि अब जिले के सभी धान क्रय केंद्रों पर खरीदे जाने वाले हर दाने की शत-प्रतिशत वीडियोग्राफी की जाएगी। धान खरीद से जुड़े प्रत्येक लेनदेन, तौल प्रक्रिया, किसान की उपस्थिति और खरीदी की वास्तविकता को कैमरे में रिकॉर्ड किया जाएगा। इसका उद्देश्य खरीद प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाना और किसी भी विवाद की स्थिति में स्पष्ट प्रमाण उपलब्ध कराना है।
इस व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है, और कई क्रय केंद्रों पर वीडियोग्राफी का काम शुरू भी हो चुका है।
किसानों का कंट्रोल रूम से होगा 100% सत्यापन
अनियमितताओं पर रोक लगाने के लिए प्रशासन ने एक और बड़ा कदम उठाते हुए यह निर्देश दिया है कि धान बेचने आने वाले प्रत्येक किसान का कंट्रोल रूम से शत-प्रतिशत सत्यापन अनिवार्य रहेगा। किसान की पहचान, उसके रजिस्ट्रेशन और फ़सल के विवरण का मिलान कंट्रोल रूम के माध्यम से ही किया जाएगा।
इस प्रणाली के लागू होने के बाद असली किसानों को लाभ मिलेगा और फर्जी खरीद या मनमानी पूरी तरह रुकेगी।
3 अक्टूबर से शुरू हुई खरीद, जिले में बनाए गए 150 क्रय केंद्र
जिले में सरकारी धान खरीद की शुरुआत 3 अक्टूबर से की गई थी। प्रशासन ने किसानों की सुविधा के लिए छह एजेंसियों के माध्यम से कुल 150 क्रय केंद्र स्थापित किए हैं। इन केंद्रों पर किसानों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए अधिकारियों को केंद्रों का नियमित निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया है।
अब तक 10,970 किसानों को मिला लाभ
धान खरीद की वर्तमान स्थिति के अनुसार अब तक 10,970 किसानों को लाभान्वित किया जा चुका है। जिले के लिए सरकार द्वारा निर्धारित 2.45 लाख मीट्रिक टन के लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 82,301.24 मीट्रिक टन धान की खरीदी की जा चुकी है।
प्रशासन के अनुसार, यह आंकड़ा आगे और तेजी से बढ़ेगा, क्योंकि किसान अब ज़्यादा संख्या में क्रय केंद्रों पर धान लेकर पहुंच रहे हैं।
पारदर्शिता से होगी खरीद, अनियमितताओं पर लगेगी रोक
जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने स्पष्ट किया है कि धान खरीद प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से संचालित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि वीडियोग्राफी और सत्यापन प्रक्रिया से न केवल भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा, बल्कि किसान भी भरोसे के साथ अपनी फसल बेच सकेंगे।
डीएम ने यह भी चेतावनी दी कि किसी प्रकार की गड़बड़ी की शिकायत मिली तो संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

