पीलीभीत। जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में जीवन यापन कर रहे परिवारों के बच्चों की मदद के लिए सरकार द्वारा संचालित स्पॉन्सरशिप योजना लगातार प्रभावी साबित हो रही है। जनपद पीलीभीत में अब तक 497 बच्चों को इस योजना का लाभ मिल चुका है। योजना के तहत पात्र बच्चों को 18 वर्ष की आयु तक प्रतिमाह ₹4000 की आर्थिक सहायता दी जाती है, ताकि उनकी उचित देखभाल, शिक्षा, सुरक्षा और मूलभूत जरूरतें सुनिश्चित की जा सकें।
क्या है स्पॉन्सरशिप योजना? जाने
यह योजना ऐसे बच्चों के लिए है जो किसी संकट, अभाव या असुरक्षित परिस्थितियों में अपना जीवन व्यतीत कर रहे हों। योजना का उद्देश्य बच्चों को संरक्षण, शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराना है।
कौन-कौन बच्चे हैं पात्र? जाने
योजना के लिए निम्न परिस्थितियों वाले बच्चे पात्र माने जाते हैं—
1 पारिवारिक संकट
* माता-पिता दोनों की मृत्यु हो गई हो
* मां तलाकशुदा हो या परिवार द्वारा परित्यक्त हो
* माता-पिता में से कोई गंभीर, जानलेवा बीमारी से पीड़ित हो
2. बेघर / विस्थापित बच्चे
* ऐसे बच्चे जो घर विहीन हों
* विस्थापित परिवारों के साथ रह रहे हों
3. कानून से संघर्ष में बच्चे
* जो बच्चे कानून से संघर्ष स्थिति में पाए गए हों
4. बचाव/पुनर्वास वाले बच्चे
* बाल तस्करी, बाल श्रम, बाल विवाह से मुक्त कराए गए बच्चे
* प्राकृतिक आपदाओं के शिकार बच्चे
* दिव्यांग, लापता या घर से भागे हुए बच्चे
* ऐसे बच्चे जिनके माता-पिता कारागार में निरुद्ध हों
* एचआईवी/एड्स प्रभावित बच्चे
* जिनके माता-पिता मानसिक, शारीरिक या आर्थिक रूप से देखभाल में असमर्थ हों
5. सड़क/फुटपाथ पर रहने वाले बच्चे
* प्रताड़ित, शोषित या खुले में जीवन यापन करने वाले बच्चे
अभिभावक की आय सीमा क्या होनी चाहिए?
ग्रामीण क्षेत्र में अधिकतम वार्षिक आय : ₹7200
शहरी क्षेत्र में अधिकतम वार्षिक आय : ₹9600
* माता-पिता अथवा दोनों अभिभावकों की मृत्यु होने पर आय सीमा लागू नहींहोती।
आवेदन के लिए आवश्यक अभिलेख
आवेदन करते समय निम्न दस्तावेज संलग्न करना अनिवार्य है—
* आधार कार्ड
* आय प्रमाण पत्र
* आयु प्रमाण पत्र
* अभिभावक का मृत्यु प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
* शिक्षण संस्थान में पंजीयन का प्रमाण पत्र
आवेदन कहां करें?
जिला बाल संरक्षण इकाई,
जिला प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय, पीलीभीत
में आवेदन पत्र जमा किए जा सकते हैं।

