पीलीभीत। स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, पीलीभीत में ओरल कैंसर स्क्रीनिंग कार्यक्रम की शुरुआत 29 अक्टूबर 2025 से की गई है। यह सेवा प्रत्येक शुक्रवार को ओपीडी कक्ष संख्या 84 में नियमित रूप से संचालित हो रही है। कार्यक्रम का उद्देश्य ओरल कैंसर की प्रारंभिक पहचान, समय पर उपचार, तथा समुदाय में जागरूकता बढ़ाना है।
मुख्य उपलब्धियाँ (29-10-2025 से अब तक)
पंजीकृत रोगी: 17- कुल बायोप्सी: 03
- लंबित रिपोर्ट: 02
- प्राप्त बायोप्सी रिपोर्ट: 01 — इरिटेशनल फाइब्रोमा
कार्यक्रम के सुचारू संचालन में विभिन्न विभागों का उत्कृष्ट समन्वय एवं योगदान उल्लेखनीय रहा।
विभागों का योगदान
डेंटल यूनिट
- डॉ. कनहैया लाल गुप्ता (विभागाध्यक्ष)
हिस्ट्री टेकिंग एवं क्लिनिकल जाँच में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
कम्युनिटी मेडिसिन विभाग
- डॉ. शॉभित सिंह (सीनियर रेज़िडेंट)
कार्यक्रम के प्रमोशन, काउंसलिंग एवं जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से समुदाय में ओरल कैंसर की रोकथाम और प्रारंभिक पहचान को बढ़ावा दे रहे हैं।
पैथोलॉजी विभाग
- डॉ. विभूति गोयल (विभागाध्यक्ष)
बायोप्सी परीक्षण में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।
बायोप्सी सैंपल निकालने में सक्रिय टीम
बायोप्सी सैंपल लेने का कार्य निम्न चिकित्सकों द्वारा नियमित रूप से किया जा रहा है—
- डॉ. के. एल. गुप्ता
- डॉ. मानसी सिंह
- डॉ. शीतल शर्मा
- डॉ. हेमलता सक्सेना
प्राचार्या डॉ. संगीता अनेजा का वक्तव्य
प्राचार्या डॉ. संगीता अनेजा ने कार्यक्रम को एक महत्वपूर्ण जनस्वास्थ्य पहल बताते हुए कहा—
“ओरल कैंसर भारत में तेजी से बढ़ता हुआ एक गंभीर स्वास्थ्य मुद्दा है। महाविद्यालय में इसकी प्रारंभिक अवस्था में पहचान हेतु स्क्रीनिंग सुविधा शुरू करना जनस्वास्थ्य के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का एक महत्वपूर्ण कदम है। मैं सभी संबंधित विभागों एवं संपूर्ण टीम को धन्यवाद देती हूँ, जिनके सहयोग से यह कार्यक्रम सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है। हमारा लक्ष्य समय पर निदान, प्रभावी उपचार और जागरूकता के माध्यम से समुदाय के स्वास्थ्य में निरंतर सुधार लाना है।”

