(रिंटू वर्मा)
पीलीभीत। घने जंगलों, प्राकृतिक सौंदर्य और बाघों की बढ़ती संख्या के कारण चर्चा में रहने वाला पीलीभीत टाइगर रिजर्व अब अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर तेजी से अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। पर्यटन सत्र 2025–26की शुरुआत के मात्र 40 दिनों में 80 विदेशी सैलानी पीलीभीत टाइगर रिजर्व का दीदार कर चुके हैं।
अमेरिका, कनाडा, यूनाइटेड नेशन, रूस सहित कई देशों से आए पर्यटक यहां की जंगल सफारी और वन्यजीवों की झलक को लेकर बेहद उत्साहित दिखे। विदेशी सैलानियों ने पीलीभीत टाइगर रिजर्व की खूबसूरती की खुलकर सराहना की और कहा कि यहां का प्राकृतिक माहौल किसी भी विश्वस्तरीय जंगल सफारी से कम नहीं है।
जंगल सफारी में लगातार हो रही बेहतर साइटिंग
पर्यटन सत्र शुरू होने के साथ ही देश और विदेश दोनों से आने वाले सैलानियों की संख्या में तेजी से इजाफा देखने को मिल रहा है। सिर्फ 40 दिनों में ही 5 हजार से अधिक पर्यटक जंगल सफारी का रोमांच उठा चुके हैं।रिजर्व के विभिन्न रूटों पर सफारी के दौरान पर्यटकों को
बाघ,
चीतल,
बारहसिंघा,
जंगली सूअर,
नीलगाय,
तथा कई दुर्लभ पक्षी प्रजातियों की झलक देखने को मिल रही है। विदेशी पर्यटकों ने कहा कि पीलीभीत में साइटिंग की संभावना काफी बेहतर रहती है, जिससे सफारी का आनंद कई गुना बढ़ जाता है।
फॉरेस्ट विभाग की बेहतर व्यवस्थाओं की भी हुई तारीफ
विदेशी सैलानियों ने सिर्फ प्रकृति की सुंदरता ही नहीं बल्कि टाइगर रिजर्व में की गई व्यवस्थाओं, सफारी गाइडों के व्यवहार और सुरक्षा इंतज़ामों की भी तारीफ की। उनका कहना था कि
जंगल सफारी सुगठित,
सुरक्षित,
और पर्यावरण के अनुकूल तरीके से संचालित होती है।
फॉरेस्ट विभाग द्वारा बनाए गए ट्रैक और सैलानियों के लिए सुविधाओं ने भी सकारात्मक प्रभाव छोड़ा है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ रही पीलीभीत की पहचान
बीते वर्षों में पीलीभीत टाइगर रिजर्व ने देश ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान को मजबूती दी है।
पर्यटन सत्र 2014–15 से अब तक हर वर्ष देश-विदेश से आने वाले सैलानियों की संख्या में लगातार वृद्धि हुई है।
यहां की हरित संपदा, पानी से भरी नदियां, वनस्पतियों की विविधता और बाघों की स्थिर आबादी ने इसे तेजी से उभरते हुए पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित कर दिया है।
2025–26 में रिकॉर्ड बनने की उम्मीद
फॉरेस्ट विभाग और स्थानीय पर्यटन से जुड़े जानकारों का मानना है कि इस वर्ष विदेशी पर्यटकों की बढ़ती संख्या यह संकेत दे रही है कि पर्यटन सत्र 2025–26अब तक का सबसे सफल सत्र साबित हो सकता है।यदि पर्यटकों का यही रूझान जारी रहा, तो पीलीभीत टाइगर रिजर्व देश में सबसे अधिक पसंद किए जाने वाले वन्यजीव पर्यटन स्थलों में अपनी जगह और मजबूत कर लेगा

