पीलीभीत।राष्ट्रीय बाघ गणना के तहत उत्तर प्रदेश के पीलीभीत टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या जानने के लिए 15 दिसंबर (सोमवार) से गणना प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके लिए टाइगर रिजर्व के सभी पांच रेंजों में कुल 616 कैमरा ट्रैप लगाए जा चुके हैं।पीलीभीत में कितने है बाघ इसका पता चलेगा?
35 दिनों तक होगी कैमरा ट्रैपिंग
पीलीभीत टाइगर रिजर्व के अनुसार, कैमरा ट्रैप्स के माध्यम से 35 दिनों तक बाघों की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद कैमरों से प्राप्त डेटा का कंपाइलेशन किया जाएगा और संकलित आंकड़ों को वाइल्डलाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया देहरादून भेजा जाएगा, जहां अंतिम विश्लेषण किया जाएगा।
प्रत्येक चार वर्ष में एक बार होती है गणना
राष्ट्रीय बाघ गणना प्रत्येक चार वर्ष में कराई जाती है। इससे पहले 2021 में हुई गणना के दौरान पीलीभीत टाइगर रिजर्व में 70 से अधिक बाघ दर्ज किए गए थे। इस बार भी वन विभाग को बेहतर परिणामों की उम्मीद है।
शावकों की नहीं होती गिनती
गौरतलब है कि राष्ट्रीय बाघ गणना के दौरान शावकों की गिनती नहीं की जाती, केवल वयस्क बाघों की संख्या का आकलन किया जाता है। इससे बाघों की वास्तविक आबादी और संरक्षण की स्थिति का सटीक मूल्यांकन संभव हो पाता है।


