पीलीभीत – मुख्यमंत्री लघु सिंचाई योजना से किसानों की सिंचाई क्षमता में हुआ बड़ा इजाफा।

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पीलीभीत। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसानों के हित में संचालित मुख्यमंत्री लघु सिंचाई योजना से प्रदेश भर के कृषकों को सीधा लाभ मिल रहा है। इस योजना के माध्यम से किसानों को उथले, मध्यम एवं गहरे नलकूपों की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे फसल सिंचाई की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और कृषि उत्पादकता को मजबूती मिली है।

योजना के तहत ऑनलाइन पंजीकरण की व्यवस्था

मुख्यमंत्री लघु सिंचाई योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को ऑनलाइन पंजीकरण करना होता है। इसके लिए खसरा-खतौनी, भूमि संबंधी दस्तावेज, इंजन क्रय का कोटेशन एवं बिल, पासपोर्ट साइज फोटो, निवास एवं जाति प्रमाण पत्र, ग्राम सभा प्रस्ताव, आधार कार्ड और बैंक पासबुक की छायाप्रति आवश्यक होती है। नलकूप बोरिंग का कार्य शासन द्वारा चयनित एजेंसियों से आईएसआई मार्क पाइप के माध्यम से कराया जाता है।

उथले नलकूपों से छोटे और सीमांत किसान लाभान्वित

योजना के अंतर्गत 30 मीटर गहराई तक उथले नलकूपों का निर्माण कराया जाता है। सामान्य श्रेणी के लघु कृषकों को ₹33,800, सीमांत कृषकों को ₹45,400 तथा अनुसूचित जाति/जनजाति के लघु एवं सीमांत कृषकों को ₹57,000 तक का अनुदान दिया जाता है। वर्ष 2024-25 से सितम्बर 2025 तक प्रदेश में 3,83,116 से अधिक उथले नलकूप स्थापित किए जा चुके हैं।

मध्यम गहरे नलकूपों से बढ़ी फसल सिंचाई

31 से 60 मीटर गहराई वाले क्षेत्रों में मध्यम गहरे नलकूप स्थापित किए जा रहे हैं। इस योजना में सभी वर्गों के कृषक पात्र हैं। नलकूप निर्माण पर अधिकतम ₹1,75,000 तथा जल वितरण प्रणाली और ऊर्जीकरण मिलाकर कुल ₹2,57,000 तक का अनुदान दिया जाता है। इससे प्रति नलकूप 10 हेक्टेयर अतिरिक्त सिंचाई क्षमता का सृजन होता है। अब तक 8,740 से अधिक मध्यम गहरे नलकूपों की बोरिंग कराई जा चुकी है।

गहरे नलकूपों से दूरदराज क्षेत्रों को मिला लाभ

61 से 90 मीटर गहराई वाले क्षेत्रों में गहरे नलकूपों का निर्माण कराया जा रहा है। इस योजना के अंतर्गत किसानों को कुल ₹3,47,000 तक का अनुदान दिया जाता है। प्रत्येक नलकूप से 12 हेक्टेयर अतिरिक्त सिंचाई क्षमता विकसित होती है। वर्ष 2024-25 से सितम्बर 2025 तक 3,935 से अधिक गहरे नलकूप स्थापित कर किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई गई है।


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