स्कार-लेस सर्जरी से जबड़े के ट्यूमर का सफल ऑपरेशन, स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय पीलीभीत में ई.एन.टी. विभाग की बड़ी उपलब्धि

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(रिंटू वर्मा)

पीलीभीत। स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय एवं संबद्ध चिकित्सालय, पीलीभीत के नाक-कान-गला (ई.एन.टी.) विभाग में आधुनिक चिकित्सा तकनीक का उत्कृष्ट उदाहरण सामने आया है। यहां जबड़े की हड्डी (मैंडिबल) में पाए गए ट्यूमर ऑस्टियोमा का अत्याधुनिक स्कार-लेस तकनीक से सफल ऑपरेशन किया गया। इस सर्जरी की विशेषता यह रही कि इसे बिना किसी बाहरी चीरे-टांके के, पूरी तरह इंट्रा-ओरल विधि से संपन्न किया गया।

तीन-चार वर्षों से पीड़ित युवक को मिली राहत

22 वर्षीय युवक पिछले 3–4 वर्षों से निचले जबड़े में ट्यूमर से परेशान था। ई.एन.टी. विभाग की ओपीडी में परामर्श के दौरान डॉ. शालिनी त्रिपाठी द्वारा जांच कराई गई। सीटी स्कैन सहित सभी आवश्यक परीक्षणों के बाद ऑपरेशन का निर्णय लिया गया।

अनुभवी चिकित्सकों की टीम ने किया जटिल ऑपरेशन

महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. संगीता अनेजा के मार्गदर्शन में तथा ई.एन.टी. विभागाध्यक्ष डॉ. शलभ वैश्य के नेतृत्व में यह जटिल सर्जरी डॉ. शालिनी त्रिपाठी (असिस्टेंट प्रोफेसर) एवं डॉ. श्रुति (सीनियर रेज़िडेंट) द्वारा सफलतापूर्वक की गई। ऑपरेशन के दौरान अस्थि रोग विभाग के डॉ. अक्षत पांडेय ने जबड़े की हड्डी का आवश्यक परिमार्जन किया।

निश्चेतना व ओटी स्टाफ की रही अहम भूमिका

निश्चेतना विभाग से डॉ. रजनीश, डॉ. प्रवेश एवं डॉ. शुभम सहित ऑपरेशन थिएटर स्टाफ श्रीमती सविता, मधु, महेंद्र, दिनेश एवं अन्य कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

ऑपरेशन के बाद मरीज पूरी तरह स्वस्थ

सर्जरी के बाद मरीज पूर्णतः स्वस्थ है। चेहरे की सभी नसें सुरक्षित हैं और उसे बोलने या भोजन चबाने में किसी प्रकार की समस्या नहीं है।

ई.एन.टी. विभाग में निरंतर हो रही अत्याधुनिक सर्जरी

ई.एन.टी. विभाग में टॉन्सिल की सर्जरी, नाक से संबंधित सभी प्रकार के ऑपरेशन, थायरॉयड की गांठ (घेंघा) एवं कान के ऑपरेशन भी नियमित रूप से सफलतापूर्वक किए जा रहे हैं, जिससे क्षेत्र के मरीजों को जनपद स्तर पर ही उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाओं का लाभ मिल रहा है।


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