(रिंटू वर्मा)
प्रॉक्सी प्रतिनिधित्व पर लगेगा अंकुश, शासन और डीएम के निर्देश के बाद सीडीओ ने जारी किया आदेशअधिकार आयोग के निर्देशों के क्रम में पंचायत व निकायों में प्रॉक्सी प्रतिनिधित्व की प्रथा पर सख्ती से अंकुश लगाया जाएगा। इस संबंध में शासन से निर्देश प्राप्त होने के बाद डीएम ज्ञानेंद्र सिंह के निर्देश के बाद मुख्य विकास अधिकारी राजेन्द्र कुमार श्रीवास ने जनपद के समस्त खंड विकास अधिकारियों सहित सभी सहायक विकास अधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए विस्तृत आख्या तलब की है।
सीडीओ कार्यालय से जारी पत्र के अनुसार जिलाधिकारी के निर्देशों के क्रम में नगर निदेशालय उत्तर प्रदेश, शासनादेश एवं पूर्व में जारी सरकारी पत्रों के आलोक में यह कार्रवाई की जा रही है। शासनादेश में स्पष्ट किया गया है कि नगर निगम, नगर पालिका परिषद, नगर पंचायत, ग्राम पंचायत एवं क्षेत्र पंचायतों में निर्वाचित महिला एवं पुरुष जनप्रतिनिधि अपने कर्तव्यों का निर्वहन स्वयं करें तथा उनके स्थान पर अथवा उनके साथ किसी भी प्रकार से रिश्तेदार या अन्य व्यक्ति प्रशासनिक कार्यों में हस्तक्षेप न करें।
निर्देशों में यह भी कहा गया है कि बैठकों सहित सभी प्रशासनिक कार्यों में निर्वाचित पदाधिकारियों की स्वतंत्र भागीदारी सुनिश्चित की जाए। यदि किसी भी स्तर पर नियमों के उल्लंघन अथवा प्रतिकूल तथ्य संज्ञान में आते हैं तो इसकी सूचना तत्काल उच्चाधिकारियों को दी जाए।
जारी किये गये आदेश में मुख्य विकास अधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि इस संबंध में आज ही आख्या उपलब्ध कराई जाए, जिसमें यह स्पष्ट किया जाए कि ग्राम पंचायत व क्षेत्र पंचायत की बैठकों में निर्वाचित पदाधिकारियों द्वारा स्वयं अपने दायित्वों का निर्वहन किया जा रहा है तथा किसी अन्य व्यक्ति द्वारा प्रशासनिक कार्यों में हस्तक्षेप नहीं किया जा रहा है।

