रिंटू वर्मा…
पीलीभीत। अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर मंगलवार को गांधी स्टेडियम स्थित प्रेक्षागृह में आयोजित कार्यक्रम में जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने साक्षरता अभियान को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। शिक्षक-शिक्षिकाओं और साक्षरता से जुड़े वॉलिंटियर्स को संबोधित करते हुए डीएम ने कहा कि जिले की साक्षरता दर कैसे बढ़े, इस पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है। शिक्षकों की जिम्मेदारी केवल विद्यालय में छात्र-छात्राओं को पढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें अपने ग्राम पंचायत क्षेत्र में ऐसे महिला-पुरुषों को भी चिन्हित करना चाहिए, जो अभी तक पढ़ना-लिखना नहीं जानते हैं। उन्हें साक्षर बनाने के लिए प्रयास किया जाए।
डीएम ने कहा कि शिक्षक बच्चों को केवल किताबी ज्ञान न दें, बल्कि उन्हें राष्ट्र निर्माण के लिए तैयार करें। छात्र-छात्राओं में देशभक्ति और राष्ट्रभावना की जागृति पैदा करना भी शिक्षक की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। इसके साथ ही शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाने में भी शिक्षक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
राज्य शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित सैयदा का हुआ सम्मान
कार्यक्रम के दौरान पिपरिया अगरु प्राथमिक विद्यालय की प्रधानाध्यापक सैयदा को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। जिलाधिकारी ने उन्हें शासन की ओर से भेजा गया शुभकामना संदेश सौंपा। इसके साथ ही स्मृति चिन्ह और प्रमाण पत्र देकर तथा शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। सम्मान के दौरान प्राथमिक विद्यालय पिपरिया अगरु का पूरा स्टाफ मौजूद रहा।
डीएम ने विद्यालय की उत्कृष्ट उपलब्धियों को देखते हुए प्राथमिक विद्यालय पिपरिया अगरु के लिए 25 हजार रुपये पुरस्कार के रूप में देने की घोषणा की। घोषणा होते ही प्रेक्षागृह तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। मौजूद शिक्षकों ने जिलाधिकारी के निर्णय की सराहना की।
शिक्षक केवल पढ़ाता नहीं, संस्कार भी देता है : डीआईओएस
डीआईओएस विजय सिंह यादव ने कहा कि शिक्षक को यूं ही राष्ट्र निर्माता नहीं कहा जाता। शिक्षक छात्र-छात्राओं को शिक्षित करने के साथ-साथ उनके भीतर संस्कार और जिम्मेदारी की भावना भी विकसित करता है। एक शिक्षक का प्रभाव बच्चों के भविष्य के साथ-साथ पूरे समाज और राष्ट्र पर पड़ता है।
हर विद्यालय को निपुण बनाने का लक्ष्य : बीएसए रोशनी सिंह
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रोशनी सिंह ने कहा कि इस बार विभाग का लक्ष्य प्रत्येक विद्यालय को निपुण बनाना है। इसी उद्देश्य से योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है। उन्होंने शिक्षकों से कहा कि विद्यालय से संबंधित किसी भी प्रकार की समस्या होने पर वे सीधे विभाग को अवगत कराएं। समस्याओं का पारदर्शिता के साथ समाधान कराया जाएगा।
कार्यक्रम में जेल अधीक्षक, महाप्रबंधक उद्योग केंद्र, खंड शिक्षा अधिकारी सुनील कुमार सिंह समेत शिक्षा विभाग के अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं और साक्षरता अभियान से जुड़े वॉलिंटियर्स मौजूद रहे।

