रिंटू वर्मा…
पीलीभीत। जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों को परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था, छात्र सुरक्षा और मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता को लेकर कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राओं को मिड-डे मील के लिए विद्यालय में ही बर्तन उपलब्ध कराए जाएं। कोई भी छात्र-छात्रा घर से बर्तन लेकर विद्यालय नहीं आएगा। उन्होंने निर्देश दिया कि बच्चों को मेन्यू के अनुसार पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण मध्यान्ह भोजन उपलब्ध कराया जाए।
जिलाधिकारी ने जिलेभर में मान्यता प्राप्त विद्यालयों का सघन निरीक्षण कराने और यह जांचने के निर्देश दिए कि उन्हें किन मानकों के आधार पर मान्यता प्रदान की गई थी। मानकों के विपरीत संचालित पाए जाने वाले विद्यालयों को तत्काल बंद कराने के साथ ही नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को दिए गए।
डीएम ने परिषदीय विद्यालयों के जर्जर भवनों का मूल्यांकन कराकर उनकी नीलामी कराने को कहा। छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को लेकर उन्होंने विद्यालयों में बाउंड्रीवॉल निर्माण पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने प्रत्येक विकासखंड में एक-एक सुपर मॉडल स्कूल तैयार करने के निर्देश दिए। इसके लिए ललौरीखेड़ा ब्लॉक के कंपोजिट विद्यालय बरहा को उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया।
उन्होंने परिषदीय विद्यालयों में तिथि भोज आयोजित कराने के भी निर्देश दिए। इसमें ग्रामीण जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित कर आयोजन को भव्य रूप देने को कहा गया, ताकि बच्चों के साथ जनप्रतिनिधियों की भी विद्यालयी गतिविधियों में सहभागिता बढ़े।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रोशनी सिंह ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को जिलाधिकारी के निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारी स्वयं भी विद्यालयों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की हकीकत परखें। किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

