रिंटू वर्मा…
पीलीभीत।निशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 (आरटीई) के तहत अलाभित समूह एवं दुर्बल वर्ग के बच्चों को कक्षा एक और पूर्व प्राथमिक कक्षाओं में प्रवेश दिलाने की प्रक्रिया के अंतर्गत सोमवार को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में द्वितीय चरण की लॉटरी निकाली गई। इस दौरान वर्ष 2026-27 के शैक्षिक सत्र में निजी एवं कॉन्वेंट विद्यालयों में प्रवेश के लिए बच्चों का चयन किया गया।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रोशनी सिंह की मौजूदगी में लॉटरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से संपन्न कराई गई। द्वितीय चरण में आरटीई पोर्टल पर कुल 599 आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें से जांच के दौरान 274 आवेदन सही पाए गए, जिन्हें लॉटरी प्रक्रिया में शामिल किया गया। लॉटरी सिस्टम के माध्यम से 243 बच्चों को जिले के विभिन्न कॉन्वेंट स्कूलों में प्रवेश के लिए चयनित किया गया।
जांच के दौरान 325 आवेदन निरस्त कर दिए गए। आवेदन निरस्त किए जाने का मुख्य कारण यह रहा कि कई अभिभावकों ने आवेदन अन्य वार्ड या अन्य ग्राम पंचायत के विद्यालयों के लिए कर दिए थे, जो नियमों के अनुरूप नहीं थे। वहीं 31 बच्चों को विद्यालयों में सीटें खाली न होने के कारण प्रवेश नहीं मिल सकेगा।
राज्य परियोजना कार्यालय लखनऊ के निर्देशानुसार आरटीई के तहत प्रवेश प्रक्रिया तीन चरणों में आयोजित की जा रही है। प्रथम चरण के आवेदन 2 फरवरी से 16 फरवरी 2026 तक, द्वितीय चरण 21 फरवरी से 7 मार्च 2026 तक तथा तृतीय चरण 12 मार्च से 25 मार्च 2026 तक निर्धारित किए गए हैं।
द्वितीय चरण में प्राप्त आवेदनों की लॉटरी सोमवार को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रोशनी सिंह, जिला समन्वयक राकेश पटेल और पवन अग्रवाल की उपस्थिति में निकाली गई।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रोशनी सिंह ने बताया कि अगले चरण की लॉटरी निर्धारित रोस्टर के अनुसार निकाली जाएगी। जो आवेदन पात्र पाए गए हैं, उन्हें शैक्षिक सत्र 2026-27 में संबंधित विद्यालयों में प्रवेश दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि आरटीई के प्रथम चरण में 1001 छात्र-छात्राओं को विभिन्न विद्यालयों में स्कूल आवंटित किए जा चुके हैं। इसकी सूची संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों और आवंटित विद्यालयों को भेज दी गई है। साथ ही सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि चयनित बच्चों का प्रवेश जल्द से जल्द सुनिश्चित कराया जाए।

