रिंटू वर्मा…
पीलीभीत। उ०प्र० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देश तथा अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण/जनपद न्यायाधीश पीलीभीत के मार्गदर्शन में शनिवार को दीवानी न्यायालय परिसर पीलीभीत, ग्राम न्यायालय पूरनपुर एवं वाह्य न्यायालय बीसलपुर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक चली इस लोक अदालत में विभिन्न प्रकृति के कुल 1,63,708 वादों का निस्तारण कर रिकॉर्ड समाधान किया गया।
7.67 करोड़ रुपये के समझौते संपन्न
राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान कुल 7 करोड़ 67 लाख 16 हजार 631 रुपये की धनराशि के समझौते भी संपन्न कराए गए। आपसी सहमति के आधार पर मामलों के निस्तारण से वादकारियों को त्वरित राहत मिली और लंबे समय से लंबित विवादों का समाधान हुआ।
दीवानी, बैंक और श्रम विभाग के मामलों का निपटारा
लोक अदालत में जनपद न्यायालय पीलीभीत में लंबित 3,394 वादों का निस्तारण किया गया। इसके अतिरिक्त बैंक ऋण संबंधी 507 मामलों, श्रम विभाग से जुड़े 13 वादों तथा उपभोक्ता फोरम के 2 मामलों का भी सफल समाधान कराया गया। अन्य विभिन्न प्रकार के मुकदमों का भी समझौते के आधार पर निस्तारण हुआ।
परिवार न्यायालय में 10 दंपत्तियों का पुनर्मिलन
राष्ट्रीय लोक अदालत की सबसे भावुक और सराहनीय पहल परिवार न्यायालय में देखने को मिली, जहां 10 वैवाहिक जोड़ों का पुनर्मिलन कराया गया। न्यायिक अधिकारियों की पहल पर सभी दंपत्तियों को हंसी-खुशी एक साथ विदा किया गया, जिससे न्यायालय परिसर का माहौल भावुक हो उठा।
लोक अदालत को बताया सुलभ और त्वरित न्याय का माध्यम
इस अवसर पर न्यायिक अधिकारियों ने कहा कि लोक अदालतें सुलभ, त्वरित और सौहार्दपूर्ण न्याय व्यवस्था का सशक्त माध्यम हैं। इनके जरिए आमजन को कम समय और कम खर्च में न्याय मिलता है तथा आपसी सहमति से विवाद समाप्त होने से सामाजिक सौहार्द भी बढ़ता है।
न्यायिक अधिकारियों और कर्मचारियों के सहयोग से आयोजन सफल
राष्ट्रीय लोक अदालत में बड़ी संख्या में वादकारी उपस्थित रहे। न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं और न्यायालय कर्मचारियों के सहयोग से पूरा आयोजन शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

