रिंटू वर्मा…
पीलीभीत। सोमनाथ विरासत के 75 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर जनपद भर में ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया गया। इस दौरान शिवालयों में रुद्राभिषेक, मंत्रोच्चार, ओमकार जाप, महाआरती, दीपोत्सव, भजन संध्या और कलश यात्राओं का आयोजन कर भगवान शिव की आराधना की गई।
जिला प्रशासन, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग द्वारा गांधी सभागार में भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां गुजरात स्थित सोमनाथ मंदिर परिसर से प्रधानमंत्री Narendra Modi तथा काशी विश्वनाथ धाम से मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के कार्यक्रमों का सजीव प्रसारण एलईडी स्क्रीन के माध्यम से दिखाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र कुमार श्रीवास ने की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि “सोमनाथ केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि भारत की अदम्य चेतना और सांस्कृतिक स्वाभिमान का प्रतीक है। सोमनाथ आशा का वह दीप है, जो हमें सिखाता है कि सृजन की शक्ति, विनाश से कहीं अधिक प्रबल होती है।” उन्होंने कहा कि खंडहर से पुनर्निर्माण तक की सोमनाथ की यात्रा भारत की अटूट आस्था और पुनरुत्थान की भावना को दर्शाती है।
गांधी सभागार में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारियों, कर्मचारियों एवं जनसामान्य ने सहभागिता की। इस दौरान ‘ओम नमः शिवाय’ जाप अभियान के अंतर्गत श्रद्धालुओं द्वारा संकल्प स्वरूप जाप अंकित किए गए।
जनपद के गौरी शंकर मंदिर सहित विभिन्न शिवालयों में मंत्रोच्चार, ओमकार जाप, रुद्राभिषेक, दीपोत्सव, भजन संध्या एवं सोमनाथ संकल्प संवाद जैसे कार्यक्रम आयोजित किए गए। महिलाओं द्वारा भव्य कलश यात्राएं भी निकाली गईं। तहसील एवं विकास खंड स्तर पर भी स्थानीय समुदाय की जनभागीदारी से शिव मंदिरों में स्वच्छता अभियान एवं धार्मिक आयोजन संपन्न हुए।
कार्यक्रम में जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह, जिलाध्यक्ष गोकुल प्रसाद मौर्य, अपर जिलाधिकारी (वि./रा.), नगर मजिस्ट्रेट, जिला विकास अधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी सहित अन्य अधिकारियों ने सहभागिता की।

