परिषदीय स्कूलों में कम उपस्थिति पर बीएसए रोशनी सिंह हुई नाराज…मची खलबली, परीक्षा केन्द्रो का भी किया निरीक्षण। 

Share Also

रिंटू वर्मा…

पीलीभीत। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रोशनी सिंह ने सोमवार को जिले के चार बोर्ड परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। सबसे पहले वह राजकीय इंटर कॉलेज पौटा कला पहुंचीं। इसके बाद उन्होंने महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज जोरहा कल्याणपुर, पंडित देवदत्त शर्मा इंटर कॉलेज बरखेड़ा और राजकीय बालिका इंटर कॉलेज बरखेड़ा का निरीक्षण किया। सभी केंद्रों पर परीक्षा शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संचालित होती पाई गई।


कंपोजिट स्कूल में कम उपस्थिति पर जताई नाराजगी

निरीक्षण के दौरान बीएसए कंपोजिट स्कूल जोरहा कल्याणपुर भी पहुंचीं। यहां छात्र-छात्राओं की उपस्थिति कम मिलने पर उन्होंने शिक्षकों पर नाराजगी जताई। उन्होंने कड़े निर्देश देते हुए कहा कि शिक्षक प्रतिदिन अभिभावकों से संपर्क कर बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि मार्च में परीक्षाएं प्रस्तावित हैं, ऐसे में उपस्थिति कम होना गंभीर लापरवाही है। इस पर शिक्षक संतोषजनक जवाब नहीं दे सके।

छात्र-छात्राओं से पूछे सवाल, परखी शैक्षिक गुणवत्ता

बीएसए रोशनी सिंह ने विद्यालय में छात्र-छात्राओं से सवाल-जवाब कर उनकी शैक्षिक गुणवत्ता का भी आकलन किया। उन्होंने शिक्षकों को निर्देश दिए कि बच्चों की पढ़ाई पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि परीक्षाओं में बेहतर परिणाम प्राप्त हो सकें।

प्राथमिक स्कूल पौटा कला की व्यवस्थाओं की सराहना

इसके बाद बीएसए प्राथमिक स्कूल पौटा कला पहुंचीं, जहां विद्यालय की व्यवस्थाएं संतोषजनक मिलीं। यहां शिक्षण कार्य और व्यवस्थाएं बेहतर मिलने पर उन्होंने विद्यालय के शिक्षकों की सराहना की।

ब्रह्मदेव गौटिया स्कूल में प्रधानाध्यापक को लगाई फटकार

प्राथमिक स्कूल ब्रह्मदेव गौटिया में 61 छात्र-छात्राओं के सापेक्ष मात्र 25 छात्र-छात्राएं उपस्थित मिलीं। इस पर बीएसए ने प्रधानाध्यापक को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने निर्देश दिए कि छात्र-छात्राओं की उपस्थिति बढ़ाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं और विद्यालय प्रबंध समिति की बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा की जाए। साथ ही अभिभावकों को प्रेरित कर बच्चों को नियमित स्कूल भेजने के लिए जागरूक किया जाए।

लापरवाही बर्दाश्त नहीं करने की चेतावनी

बीएसए ने स्पष्ट रूप से कहा कि विद्यालयों में छात्र-छात्राओं की नियमित उपस्थिति और शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करना शिक्षकों की जिम्मेदारी है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


Share Also

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *