रिंटू वर्मा…
पीलीभीत। महानिदेशक, दीनदयाल उपाध्याय राज्य ग्राम्य विकास संस्थान, लखनऊ एवं निदेशक, बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग, लखनऊ के निर्देशन में जिला ग्राम्य विकास संस्थान, पीलीभीत द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के 7 दिवसीय आधारभूत आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन 23 फरवरी से 1 मार्च 2026 तक किया जा रहा है। प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ सोमवार को जिला विकास अधिकारी संजय कुमार ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस प्रशिक्षण में जनपद की 48 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां प्रतिभाग कर रही हैं।
प्रशिक्षण से ज्ञान, कौशल और कार्यक्षमता में होगा विकास
जिला विकास अधिकारी संजय कुमार ने उद्घाटन संबोधन में कहा कि प्रशिक्षण का उद्देश्य विभिन्न विषयों को गहराई से समझना और सीखना है। प्रशिक्षण के माध्यम से कार्यकत्रियों के ज्ञान, कौशल और मनोवृत्ति में सकारात्मक परिवर्तन लाकर उन्हें अधिक दक्ष बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण एक ऐसा मंच है, जहां प्रतिभागियों को एक-दूसरे से सीखने और अनुभव साझा करने का अवसर मिलता है।
योजनाओं की जानकारी से बढ़ेगी जागरूकता और पोषण स्तर
उन्होंने प्रतिभागियों से आह्वान किया कि प्रशिक्षण में दी गई जानकारी का उपयोग कर अपने ज्ञान को बढ़ाएं और विकास से जुड़ी सभी योजनाओं की अद्यतन जानकारी रखते हुए आंगनबाड़ी केंद्रों पर लोगों को जागरूक करें। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से जितनी अधिक जागरूकता फैलेगी, उतना ही मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य बेहतर होगा।
आईसीडीएस, पोषण ट्रैकर और विभिन्न योजनाओं की दी जाएगी जानकारी
जिला कार्यक्रम अधिकारी युगल किशोर सांगुड़ी ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान आईसीडीएस की सेवाएं, अनुपूरक पोषण आहार, प्री-स्कूल शिक्षा, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और पोषण ट्रैकर सहित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि स्वस्थ मां ही स्वस्थ बच्चे को जन्म देती है, इसलिए मातृ स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान जरूरी है।
तकनीकी जानकारी से कार्य होंगे पेपरलेस
जिला प्रशिक्षण अधिकारी डॉ. अशोक कुमार ने प्रशिक्षण मॉड्यूल की जानकारी देते हुए कहा कि वर्तमान समय में तकनीकी ज्ञान आवश्यक हो गया है, क्योंकि विभाग के अधिकांश कार्य धीरे-धीरे पेपरलेस हो रहे हैं। उन्होंने प्रतिभागियों को पोषण ट्रैकर के उपयोग की भी विस्तार से जानकारी दी।
ये अधिकारी और स्टाफ रहे मौजूद
प्रशिक्षण कार्यक्रम में बाल विकास परियोजना अधिकारी अजय सिंह, मास्टर ट्रेनर रविश खान, कनिष्ठ सहायक राजेंद्र पाल सिंह, असीश कुमार आनंद सहित समस्त प्रशिक्षण स्टाफ उपस्थित रहा।

