एड. अंशुल गौरव सिंह…
पीलीभीत। पीलीभीत मे अनिल पाल की संदिग्ध मौत के मामले में नामजद आरोपी वेद प्रकाश को अदालत से राहत नहीं मिली। सत्र न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उसकी नियमित जमानत अर्जी खारिज कर दी।
कार्यालय बुलाकर हत्या का आरोप
अभियोजन पक्ष के अनुसार शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि शिवनगर कॉलोनी, कोतवाली पीलीभीत निवासी वेद प्रकाश ने अपने साथियों के साथ मिलकर अनिल पाल को अपने कार्यालय बुलाया था। वहां उसे कथित रूप से जहरीला पदार्थ देकर उसकी हत्या कर दी गई और बाद में घटना को आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को फांसी पर लटका दिया गया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में विषाक्तता के संकेत
मामले की जांच के दौरान सामने आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक के शरीर में विषाक्तता के संकेत मिलने की बात कही गई है। साथ ही चिकित्सकों द्वारा विसरा सुरक्षित किए जाने की जानकारी भी दी गई है, जिससे मामले की जांच और गहराई से की जा सके।
विवेचना जारी, साक्ष्यों से छेड़छाड़ की आशंका
सुनवाई के दौरान न्यायालय ने कहा कि प्रकरण की विवेचना अभी प्रचलित है और आरोप गंभीर प्रकृति के हैं। ऐसे में आरोपी को जमानत दिए जाने पर साक्ष्यों से छेड़छाड़ की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
अदालत ने जमानत अर्जी की खारिज
इन सभी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सत्र न्यायाधीश, पीलीभीत ने आरोपी वेद प्रकाश की नियमित जमानत अर्जी खारिज कर दी। इस संबंध में अदालत द्वारा आदेश 11 मार्च 2026 को पारित किया गया।

