पीलीभीत मे सरकारी धन गबन के आरोपी कर्मचारी इल्हाम को नहीं मिली अग्रिम जमानत

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एड. अंशुल गौरव सिंह…

पीलीभीत। पीलीभीत के जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय मे सरकारी वेतन मद से एक करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि गबन करने के आरोपी कर्मचारी इल्हाम को अदालत से राहत नहीं मिल सकी। सत्र न्यायालय ने आरोपी की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी है।

मोहल्ला पंजाबियान, थाना कोतवाली निवासी इल्हाम उर्र रहमान शम्सी के खिलाफ थाना कोतवाली में मुकदमा अपराध संख्या 60/2026 दर्ज है। इस मामले में जिला विद्यालय निरीक्षक राजीव कुमार ने तहरीर देकर आरोप लगाया था कि इल्हाम उर्र रहमान शम्सी, जो जनता टेक्निकल इंटर कॉलेज बीसलपुर में कार्यरत है, ने अपनी पत्नी अर्शी खातून के साथ मिलकर सरकारी वेतन मद से कूटरचना और कपटपूर्ण तरीके से धनराशि का गबन किया।

12 सितंबर 2024 से कुल 98 ट्रांजेक्शन के माध्यम से करीब 1 करोड़ 1 लाख 95 हजार 135 रुपये की सरकारी धनराशि अपनी पत्नी के खाते में स्थानांतरित कर दी गई। इस मामले में थाना कोतवाली में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विवेचना की जा रही है।

सुनवाई के दौरान आरोपी पक्ष के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि इल्हाम उर्र रहमान शम्सी एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी है और उसके पास इतनी बड़ी धनराशि ट्रांसफर करने का न तो तकनीकी अधिकार है और न ही क्षमता। विभागीय अधिकारियों ने स्वयं को बचाने के लिए उसे झूठा फंसाया है।

वहीं, जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी एक सरकारी कर्मचारी है और उसने अपनी पत्नी के साथ मिलकर सरकारी धन का गबन किया है। आरोपी ने लिखित रूप से अपना अपराध स्वीकार भी किया है और मामला गंभीर प्रकृति का है।

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और प्रपत्रों का अवलोकन करने के बाद सत्र न्यायाधीश रविन्द्र कुमार-चतुर्थ,  ने कहा कि मामले की विवेचना अभी जारी है और आरोप गंभीर प्रकृति के हैं। ऐसे में इस स्तर पर अग्रिम जमानत देने का पर्याप्त आधार नहीं बनता।

इसी आधार पर अदालत ने आरोपी इल्हाम उर्र रहमान शम्सी की अग्रिम जमानत याचिका निरस्त कर दी।

 


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