रिंटू वर्मा…
पीलीभीत। स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय (एएसएमसी) के 31 एमबीबीएस विद्यार्थियों के दल ने ग्राम खाग स्थित उप-स्वास्थ्य केंद्र/आयुष्मान आरोग्य मंदिर का शैक्षिक क्षेत्रीय भ्रमण सफलतापूर्वक पूरा किया। इस भ्रमण का उद्देश्य सैद्धांतिक ज्ञान को ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक परिस्थितियों से जोड़ना रहा। कार्यक्रम का समन्वय सामुदायिक चिकित्सा विभाग के एसआर डॉ. कौस्तव हलदर ने किया।
सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली की मिली जानकारी
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को भारत की सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली की बहु-स्तरीय संरचना के बारे में विस्तार से बताया गया। सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) श्रीमती शोभिता ने संवादात्मक सत्र के माध्यम से अपनी भूमिका और जिम्मेदारियों से अवगत कराया। साथ ही, रोगियों के प्राथमिक वर्गीकरण (ट्रायेज) की व्यावहारिक प्रक्रियाओं को भी समझाया।
टीकाकरण और निवारक सेवाओं का अवलोकन
विद्यार्थियों ने एएनएम के टीकाकरण कक्ष का निरीक्षण किया, जहां उन्होंने टीकाकरण की कार्यप्रणाली और निवारक स्वास्थ्य सेवाओं के क्रियान्वयन को प्रत्यक्ष रूप से समझा।
समग्र स्वास्थ्य सेवाओं का किया अध्ययन
छात्रों ने केंद्र पर दी जा रही समग्र प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं का भी अध्ययन किया, जिनमें शामिल हैं—
• गर्भावस्था, प्रसव एवं नवजात शिशु की देखभाल
• परिवार नियोजन एवं प्रजनन स्वास्थ्य सेवाएं
• सामान्य एवं संक्रामक रोगों का उपचार
• उच्च रक्तचाप, मधुमेह व कैंसर जैसी असंक्रामक बीमारियों की जांच
• प्राथमिक आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं
विशेषज्ञों ने बताया व्यवहारिक ज्ञान का महत्व
सामुदायिक चिकित्सा विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अरुण सिंह ने कहा कि ऐसे क्षेत्रीय भ्रमण विद्यार्थियों को पुस्तकीय ज्ञान से आगे बढ़कर वास्तविक परिस्थितियों को समझने का अवसर देते हैं। आयुष्मान आरोग्य मंदिर जैसे केंद्र भविष्य के चिकित्सकों के लिए सीखने का महत्वपूर्ण मंच हैं।
प्रधानाचार्या ने की पहल की सराहना
महाविद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ. संगीता अनेजा ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में इस प्रकार के अनुभव आधारित शिक्षण से विद्यार्थियों में जनस्वास्थ्य के प्रति जिम्मेदारी और संवेदनशीलता विकसित होती है।
विद्यार्थियों के लिए रहा उपयोगी अनुभव
यह शैक्षिक भ्रमण विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हुआ। इससे उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य में टीमवर्क और कार्य-विभाजन के महत्व को समझने का अवसर मिला, साथ ही प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत से भी वे रूबरू हुए।

