रिंटू वर्मा…
पीलीभीत।जनपद में 1 अप्रैल से शुरू होने वाली सरकारी गेहूं खरीद की व्यवस्था पहले ही दिन अव्यवस्थाओं की भेंट चढ़ती नजर आई। नवीन मंडी समिति में गेहूं क्रय केंद्रों पर केवल बैनर लगे दिखाई दिए, जबकि जमीनी स्तर पर कोई ठोस व्यवस्था नहीं मिली। किसानों के लिए जरूरी सुविधाओं का अभाव साफ तौर पर नजर आया।
सिर्फ औपचारिकता बनकर रह गए क्रय केंद्र
मंडी समिति परिसर में स्थापित सरकारी क्रय केंद्रों पर न तो खरीद की तैयारी पूरी थी और न ही कर्मचारियों की सक्रिय मौजूदगी दिखी। कई स्थानों पर सिर्फ बैनर लगाकर औपचारिकता पूरी कर दी गई थी, जिससे किसानों को असमंजस की स्थिति का सामना करना पड़ा
डीएम ने दिखाई सख्ती
जब यह मामला जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह के संज्ञान में आया तो उन्होंने तुरंत कड़ा रुख अपनाया। गेहूं खरीद में लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने डिप्टी आरएमओ विजय कुमार शुक्ला को फोन पर फटकार लगाई और तत्काल कार्यालय में तलब किया।
26 क्रय केंद्रों पर होनी है खरीद
बताया जा रहा है कि नवीन मंडी समिति पीलीभीत में कुल 26 गेहूं क्रय केंद्र बनाए गए हैं, जहां किसानों से समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद की जानी है। लेकिन पहले ही दिन व्यवस्थाओं की कमी ने प्रशासन की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
किसानों को हो सकती है परेशानी
यदि जल्द ही व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं की गईं तो किसानों को गेहूं बेचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में प्रशासन के लिए यह चुनौती होगी कि वह जल्द से जल्द व्यवस्थाएं सुधारकर किसानों को राहत दे।
प्रशासनिक सक्रियता पर टिकी उम्मीदें
फिलहाल डीएम की सख्ती के बाद यह उम्मीद जताई जा रही है कि संबंधित अधिकारी जल्द ही व्यवस्थाओं को सुधारेंगे और गेहूं खरीद प्रक्रिया को सुचारू रूप से शुरू कराया जाएगा।

