पीलीभीत में गौशाला भूमि घोटाले का आरोप, SIT जांच की मांग तेज, सौंपा ज्ञापन

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अधिवक्ता अंशुल गौरव सिंह…

पीलीभीत। जनपद पीलीभीत में भरा पचपेड़ा स्थित ऐतिहासिक गौशाला की भूमि को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। विश्व हिन्दू महासंघ ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर लगभग 2200 एकड़ भूमि में हुई अनियमितताओं और अवैध कब्जों की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

संगठन के जिलाध्यक्ष नितिन राठौर ने बताया कि पूर्व में करीब 2200 एकड़ क्षेत्र में फैली गौशाला की भूमि अब सिमटकर मात्र 270 एकड़ रह गई है, जो गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि यह मामला न सिर्फ गोसेवा और जन-आस्था से जुड़ा है, बल्कि सरकारी भूमि संरक्षण से भी संबंधित है।

ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि विवादित भूमि पर लगातार अवैध कब्जे किए जा रहे हैं और खेती तथा फसल कटाई जैसी गतिविधियां भी जारी हैं। वहीं, राजस्व अभिलेखों के अनुसार अब तक भूमि का सीमांकन और सत्यापन नहीं कराया गया है, जो प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है।

विश्व हिन्दू महासंघ ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच SIT या न्यायिक स्तर पर कराई जाए। साथ ही राजस्व रिकॉर्ड के आधार पर भूमि का सीमांकन कराकर अवैध कब्जाधारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही भूमाफियाओं के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, तो वह अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठने को मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।

जिलाध्यक्ष नितिन राठौर ने कहा कि समय रहते इस गंभीर प्रकरण पर संज्ञान नहीं लिया गया तो यह जन-असंतोष का कारण बन सकता है। उन्होंने जनहित में शीघ्र और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है।


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