रिंटू वर्मा…
पीलीभीत। उत्तर प्रदेश के स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, पीलीभीत द्वारा आईएसए बरेली सिटी शाखा के सहयोग से कॉलेज के लेक्चर हॉल में “एयरवे, मैकेनिकल वेंटिलेशन एवं फ्लेक्सिबल वीडियो लैरींगोस्कोपी” विषय पर उच्चस्तरीय सतत चिकित्सा शिक्षा (सीएमई) कार्यक्रम एवं हैंड्स-ऑन कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया।
चिकित्सा पेशेवरों के लिए उपयोगी रहा कार्यक्रम
यह कार्यक्रम इंटर्न, जूनियर एवं सीनियर रेजिडेंट्स, स्नातक व स्नातकोत्तर विद्यार्थियों तथा चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े पेशेवरों के क्लिनिकल कौशल को सुदृढ़ करने हेतु एक प्रभावी मंच सिद्ध हुआ। इसमें पीलीभीत, बरेली और शाहजहांपुर से आईसीयू स्टाफ नर्स, तकनीशियन, फिजियोथेरेपिस्ट एवं वरिष्ठ चिकित्सकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। 
दीप प्रज्वलन के साथ हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ वंदे मातरम् एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. संगीता अनेजा ने स्वागत संबोधन में ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों की महत्ता एवं आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. आर.के. भास्कर (जीसी सदस्य, आईएसए नेशनल) उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में डॉ. आलोक कुमार (मुख्य चिकित्सा अधिकारी, पीलीभीत) एवं डॉ. भरत सेठी (अध्यक्ष, आईएमए पीलीभीत) शामिल रहे। 
पुस्तक लोकार्पण एवं स्किल लैब का उद्घाटन
आईसीयू प्रभारी एवं आयोजन सचिव डॉ. अरविंद एम ने आईसीयू की उपलब्धियों का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया। इस दौरान उनकी रचित पुस्तक “टेक्स्टबुक ऑफ फंडामेंटल्स ऑफ इंटीग्रेटिव मेडिसिन” का लोकार्पण भी किया गया। साथ ही, शरीर क्रिया विज्ञान विभाग स्थित स्किल लैब का उद्घाटन भी सम्पन्न हुआ।
वैज्ञानिक सत्रों में विशेषज्ञों ने साझा किया ज्ञान
कार्यक्रम के वैज्ञानिक सत्र को एक शैक्षणिक उत्सव के रूप में आयोजित किया गया। प्रातःकालीन सत्र में डॉ. स्वाति कंचन ने एयरवे एनाटॉमी एवं आकलन पर व्याख्यान दिया, जबकि डॉ. अरविंद एम ने एयरवे प्रबंधन की तकनीकों एवं संबंधित औषधीय पहलुओं पर प्रकाश डाला। साथ ही फ्लेक्सिबल वीडियो लैरींगोस्कोपी एवं ब्रोंकोस्कोपी पर विशेष सत्र आयोजित हुआ। 
मैकेनिकल वेंटिलेशन पर विस्तृत चर्चा
मध्याह्न सत्र में डॉ. रतन पाल सिंह ने मैकेनिकल वेंटिलेशन के मूलभूत मोड्स एवं पैरामीटर्स की जानकारी दी। इसके पश्चात डॉ. शुभम आचारी बी ने वेंटिलेटर वीनिंग, रोगी देखभाल एवं वीएपी बंडल पर व्यावहारिक एवं सैद्धांतिक जानकारी प्रदान की।
प्रतिभागियों को मिला व्यावहारिक प्रशिक्षण
दोपहर में प्रतिभागियों को तीन प्रशिक्षण स्टेशनों पर व्यावहारिक अभ्यास कराया गया। एयरवे स्टेशन पर बैग-मास्क वेंटिलेशन, इंटुबेशन, एलएमए एवं क्रिकोथायरॉयडोटॉमी का प्रशिक्षण दिया गया। मैकेनिकल वेंटिलेशन स्टेशन पर वेंटिलेटर संचालन का अभ्यास कराया गया, जबकि फाइबरऑप्टिक ब्रोंकोस्कोपी स्टेशन पर उपकरणों के उपयोग का व्यावहारिक अनुभव दिया गया। इन सत्रों का संचालन विशेषज्ञों द्वारा कुशलतापूर्वक किया गया।
पोस्टर प्रस्तुति में छात्र-छात्राओं ने दिखाई प्रतिभा
कार्यक्रम के अंतर्गत कुल 13 पोस्टर प्रस्तुत किए गए, जिनका मूल्यांकन विशेषज्ञों द्वारा किया गया। उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए एमबीबीएस छात्रा अज़ीमा खान एवं गार्गी राजपूत को सम्मानित किया गया। 
कार्यक्रम का समापन उप-प्राचार्य एवं आयोजन सह-अध्यक्ष डॉ. अरुण सिंह द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए।

