रिंटू वर्मा…
पीलीभीत।राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित परीक्षा में पीलीभीत जिले ने शानदार प्रदर्शन करते हुए शत-प्रतिशत परिणाम हासिल किया है। जिले को आवंटित 160 सीटों में से 157 सीटों पर मेधावी छात्र-छात्राओं का चयन हुआ। तीन सीटें अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के लिए आरक्षित थीं, जिन पर आवेदन नहीं आने से चयन नहीं हो सका।
जिले के टॉपर अनुज कुमार बने आकर्षण का केंद्र
जिले में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले कंपोजिट स्कूल कैच के कक्षा आठ के छात्र अनुज कुमार को जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने रेंजर साइकिल, शॉल, पेन और डायरी देकर सम्मानित किया। सम्मान समारोह में जब डीएम ने अनुज से भविष्य की योजना पूछी तो उन्होंने आत्मविश्वास से जवाब दिया— “आईएएस बनेंगे।”
अनुज के इस जवाब पर समारोह स्थल तालियों से गूंज उठा।
शिक्षकों की मेहनत को मिला सम्मान
जिन विद्यालयों के तीन या उससे अधिक छात्र-छात्राओं का चयन हुआ, उन सभी शिक्षकों को समारोह में बुलाकर सम्मानित किया गया। जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह, मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र कुमार श्रीवास और बीएसए रोशनी सिंह ने शिक्षकों को मेडल पहनाकर तथा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए जिला समन्वयक राकेश पटेल समेत 14 शिक्षकों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
इन शिक्षकों को मिला विशेष सम्मान
सम्मानित शिक्षकों में अजय कुमार, नवनीत पाल, ममता गंगवार, मिथिलेश कुमारी, राकेश कुमार, श्यामलाल, नीरज पाल, वैभव जैसवार, खेमपाल सिंह, संतोष खरे सहित कई शिक्षक शामिल रहे।
हर चयनित छात्र को मिलेगी छात्रवृत्ति
परीक्षा नियामक प्राधिकारी द्वारा हर वर्ष आयोजित इस परीक्षा को पास करने वाले छात्र-छात्राओं को कक्षा 6 से 12 तक प्रतिमाह एक हजार रुपये छात्रवृत्ति दी जाती है। इससे प्रतिभाशाली छात्रों को आगे की पढ़ाई में आर्थिक सहायता मिलती है।
डीएम बोले— प्रतिभा की कमी नहीं
जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने कहा कि जिले के छात्र-छात्राओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। यदि उन्हें सही मार्गदर्शन और अवसर मिले तो वे ऊंचे पदों तक पहुंच सकते हैं और देश-समाज का नाम रोशन कर सकते हैं।
जल्द सम्मानित होंगे सभी चयनित छात्र
बीएसए रोशनी सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित परीक्षा में चयनित सभी छात्र-छात्राओं को जल्द ही सम्मानित किया जाएगा।
कार्यक्रम में रहे मौजूद
सम्मान समारोह में खंड शिक्षा अधिकारी सुनील कुमार सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी विकास कुमार, सभी खंड शिक्षा अधिकारी, शिक्षक-शिक्षिकाएं और शिक्षा विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

