पीलीभीत। पीलीभीत में पर्यटन सत्र एक दिसंबर से शुरू हो चुका है ऐसे में सैलानियों सहित राह चलते राहगीरों को बाघ के दीदार हो जाते है। ऐसा ही एक वीडिओ वायरल हुआ जिसमे एक बाघ पुल पर भ्रमण कर रहा था उस बाघ को पुल के दोनों तरफ से घेर रखा था जिसके कारण बाघ अपने आप को असहज महसूस कर रहा था,वायरल वीडिओ को लेकर डीएफओ ने मामले को गंभीरता से लेकर कार्यवाई शुरू की वही दूसरी तरफ कमिश्नर बरेली ने भी मामले को संज्ञान में लिया है। दरअसल पीलीभीत टाइगर रिजर्व के बराही रेंज में सायफन पुल पर सफारी वाहनों द्वारा बाघ का रास्ता रोकने और दोनों दिशाओं से उसे घेरने की गंभीर लापरवाही का वीडियो वायरल होने के बाद वन विभाग में हड़कंप मच गया है। मामले को संज्ञान में लेते हुए कमिश्नर बरेली मंडल भूपेंद्र एस. चौधरी ने डीएम पीलीभीत को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए हैं। कमिश्नर के आदेश के बाद वन महकमे हड़कंप मच गया है। माना जा रहा है कि इस प्रकरण में कई जिम्मेदारों पर गाज गिरना तय है।
डीएम ने एआरटीओ को जांच सौंपी
वीडियो वायरल होने के बाद कमिश्नर बरेली के आदेश के बाद डीएम ज्ञानेंद्र सिंह ने एआरटीओ वीरेंद्र को पूरे मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित सफारी वाहनों का पंजीकरण और चालकों के लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
डीएफओ ने रेंजर समेत 12 कर्मचारियों को जारी किया नोटिस
लापरवाही का वीडिओ वायरल होने के बाद डीएफओ मनीष सिंह ने तत्काल कार्रवाई करते हुए रेंजर समेत 12 कर्मचारियों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है।डीएफओ ने पूरे मामले की जांच एसडीओ माला रुद्र प्रताप सिंह को सौंपी है और दो दिन में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।डीएफओ की इस कार्यवाही से वन महकमे में हड़कंप मच गया है। अब यह माना जा रहा है कि वन विभाग के कई लोगो पर कार्यवाई तय है।
कार्रवाई की आशंका, विभाग में खलबली
वीडिओ वायरल होने के बाद कमिश्नर के आदेश, डीएम की जांच और डीएफओ मनीष सिंह द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बाद वन विभाग, पर्यटन विभाग और सफारी वाहन संचालकों में खलबली मच गई है।लापरवाही करने वालों में कार्यवाई का डर सताने लगा है।

