पीलीभीत मेडिकल कॉलेज के डॉ अरविंद एम को मिला “कस्टोडियन ऑफ ह्यूमैनिटी अवॉर्ड-2026”

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रिंटू वर्मा…

पीलीभीत। मेडिकल कॉलेज पीलीभीत के आई सी यू इंचार्ज डॉ. अरविंद एम को क्रिटिकल केयर मेडिसिन में पेलिएटिव केयर के क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवाओं के लिए प्रतिष्ठित “कस्टोडियन ऑफ ह्यूमैनिटी अवॉर्ड-2026” (चतुर्थ संस्करण) से सम्मानित किया गया। यह सम्मान 15 मई की शाम नई दिल्ली स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित भव्य समारोह में प्रदान किया गया।

कार्यक्रम का आयोजन इंटीग्रेटेड ग्लोबल हेल्थकेयर मिशन द्वारा किया गया, जिसमें देशभर के चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों को उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। डॉ. अरविंद एम को यह सम्मान मेडगेट टुडे पत्रिका के संस्थापक एवं संपादक मोहम्मद अफज़ल कमाल, बॉलीवुड अभिनेता रजा मुराद तथा पद्मश्री एवं पद्मभूषण से सम्मानित वरिष्ठ दंत शल्य चिकित्सक डॉ. अनिल कोहली द्वारा संयुक्त रूप से प्रदान किया गया।

सम्मान प्राप्त करने के बाद मीडिया से बातचीत में डॉ. अरविंद एम ने कहा कि वर्तमान समय में पेलिएटिव केयर एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्वास्थ्य आवश्यकता बन चुकी है। उन्होंने कहा कि अंतिम अवस्था के अधिकांश मरीजों को अनावश्यक रूप से आईसीयू और इमरजेंसी में अत्यधिक आक्रामक उपचार प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है, जबकि कई मामलों में उससे मरीज को वास्तविक लाभ नहीं मिल पाता। उन्होंने बताया कि पीलीभीत मेडिकल कॉलेज में गंभीर एवं असाध्य रोगियों के लिए मानवीय, सम्मानजनक और आरामदायक उपचार व्यवस्था विकसित की जा रही है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि पेलिएटिव केयर का अर्थ उपचार बंद करना नहीं, बल्कि मरीज को जीवन के प्रत्येक चरण में बेहतर आराम, दर्द नियंत्रण और मानवीय देखभाल उपलब्ध कराना है। यदि रोगी स्वस्थ हो जाता है तो पेलिएटिव हस्तक्षेप समाप्त हो जाता है, जबकि असाध्य रोगों में यह सेवा अंतिम समय तक और परिवार के भावनात्मक सहयोग तक जारी रहती है।

डॉ. अरविंद एम ने बताया कि मेडिकल कॉलेज की प्राचार्या डॉ. संगीता अनेजा के नेतृत्व और प्रशासनिक सहयोग से संस्थान में पेलिएटिव मेडिसिन को आईसीयू सेवाओं के साथ सफलतापूर्वक जोड़ा गया है। यहां एंड-स्टेज ऑर्गन फेल्योर, डाइलेटेड कार्डियोमायोपैथी, अंतिम अवस्था की किडनी एवं लीवर बीमारी, स्थायी न्यूरोलॉजिकल विकार और स्टेज-4 कैंसर जैसे जटिल मरीजों का प्रभावी उपचार किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में आईसीयू में एंड-स्टेज लीवर डिजीज, हाइपॉक्सिक इस्कीमिक एन्सेफैलोपैथी और गंभीर ट्यूबरकुलर मेनिंगोएन्सेफेलाइटिस से पीड़ित मरीजों को उच्च स्तरीय समग्र देखभाल दी जा रही है। साथ ही मेडिकल कॉलेज और जनपद स्तर पर औपचारिक “एंड-ऑफ-लाइफ केयर पॉलिसी” लागू करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।

प्राचार्या डॉ. संगीता अनेजा ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि पीलीभीत मेडिकल कॉलेज को क्षेत्रीय “सेंटर ऑफ एक्सीलेंस” के रूप में विकसित करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। भविष्य में पेलिएटिव केयर के प्रति जागरूकता अभियान चलाने के साथ ही पेलिएटिव मेडिसिन यूनिट स्थापित करने की दिशा में भी काम किया जाएगा।

महाविद्यालय के उप प्राचार्य एवं सामुदायिक चिकित्सा विभागाध्यक्ष डॉ. अरुण सिंह ने कहा कि सामुदायिक स्तर पर पेलिएटिव केयर सेवाओं का विस्तार बेहद जरूरी है। इससे असाध्य रोगों के कारण होने वाले अनावश्यक आर्थिक बोझ को कम किया जा सकेगा और बड़े अस्पतालों पर बढ़ते दबाव में भी कमी आएगी।

अंत में मेडिकल कॉलेज परिवार ने डॉ. अरविंद एम को इस उपलब्धि पर शुभकामनाएं देते हुए इसे संस्थान और जनपद के लिए गौरवपूर्ण एवं प्रेरणादायक उपलब्धि बताया।


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