रिंटू वर्मा…
पीलीभीत। समग्र शिक्षा अभियान के तहत जनपद में दिव्यांग छात्र-छात्राओं के लिए विकासखंड स्तर पर मेडिकल असेसमेंट कैंप आयोजित किए जाएंगे। यह अभियान शुक्रवार से शुरू होकर 29 अगस्त तक चलेगा। कैंपों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम दिव्यांग बच्चों की जांच कर उनकी दिव्यांगता का परीक्षण करेगी। परीक्षण के बाद पात्र बच्चों के दिव्यांग प्रमाण पत्र बनाए जाएंगे, जिससे उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सकेगा।
बरखेड़ा से होगी अभियान की शुरुआत
मेडिकल असेसमेंट कैंप की शुरुआत शुक्रवार को विकासखंड बरखेड़ा के ब्लॉक संसाधन केंद्र (बीआरसी) परिसर में सुबह 10 बजे से होगी। इसके बाद निर्धारित रोस्टर के अनुसार जिले के अन्य विकासखंडों में भी कैंप आयोजित किए जाएंगे।
तीन से 18 वर्ष तक के बच्चों को मिलेगा लाभ
अभियान के तहत तीन वर्ष से 18 वर्ष तक की आयु के दिव्यांग बच्चों की जांच की जाएगी। इसमें आंगनबाड़ी केंद्रों में पंजीकृत बच्चों, परिषदीय विद्यालयों तथा माध्यमिक विद्यालयों में अध्ययनरत दिव्यांग छात्र-छात्राओं का चिकित्सकीय परीक्षण किया जाएगा। जांच के उपरांत पात्र बच्चों को दिव्यांग प्रमाण पत्र जारी किए जाएंगे।
विशेषज्ञ चिकित्सकों का बनाया गया पैनल
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक की ओर से दिव्यांगता परीक्षण के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों का पैनल गठित किया गया है। यही टीम विकासखंड स्तर पर आयोजित होने वाले शिविरों में पहुंचकर बच्चों की चिकित्सकीय जांच और दिव्यांगता का मूल्यांकन करेगी।
बीएसए ने दिए अधिक से अधिक बच्चों को शामिल करने के निर्देश
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रोशनी सिंह ने बताया कि सभी विकासखंडों के लिए मेडिकल असेसमेंट कैंप का रोस्टर जारी कर दिया गया है। सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्र के अधिक से अधिक दिव्यांग बच्चों को शिविरों में प्रतिभाग कराकर उनका परीक्षण सुनिश्चित कराएं।
मेडिकल असेसमेंट कैंप का रोस्टर
- 1 अगस्त – बीआरसी बरखेड़ा
- 4 अगस्त – बीआरसी अमरिया
- 6 अगस्त – बीआरसी बिलसंडा
- 12 अगस्त – बीआरसी बीसलपुर
- 14 अगस्त – बीआरसी ललौरीखेड़ा
- 19 अगस्त – बीआरसी मरौरी
- 21 अगस्त – बीआरसी पूरनपुर
- 22 अगस्त – जूनियर हाई स्कूल, घुँघचिहाई (पूरनपुर)
- 25 अगस्त – प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, कुरैया
- 29 अगस्त – खंड शिक्षा अधिकारी, नगर क्षेत्र कार्यालय परिसर
प्रमाण पत्र बनने के बाद मिलेंगे कई लाभ
मेडिकल जांच के बाद जारी होने वाले दिव्यांग प्रमाण पत्र के आधार पर पात्र छात्र-छात्राओं को शिक्षा, छात्रवृत्ति, सहायक उपकरण तथा अन्य सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में सुविधा मिलेगी।

