24 वर्षों की पहचान, अब नई भूमिका में नजर आएंगे सीएमएस डॉ. राजेश कुमार, प्रशासनिक पद से होंगे मुक्त 

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रिंटू वर्मा

पीलीभीत। राजकीय मेडिकल कॉलेज, पीलीभीत के महिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डॉ. राजेश कुमार 31 जुलाई 2026 को 62 वर्ष की आयु पूर्ण होने के साथ अपने प्रशासनिक पद से कार्यमुक्त हो जाएंगे। शासन की सेवा नियमावली के अनुसार सीएमएस का प्रशासनिक कार्यकाल 62 वर्ष तक ही निर्धारित है। इसके बाद चिकित्सक प्रशासनिक जिम्मेदारी छोड़कर शेष सेवा अवधि अन्य पद पर पूरी करते हैं।

डॉ. राजेश कुमार अब अगले तीन वर्षों तक सीनियर रेजिडेंट के रूप में अपनी चिकित्सकीय सेवाएं देंगे। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि उनकी तैनाती पीलीभीत मेडिकल कॉलेज में ही होगी या शासन उन्हें किसी अन्य चिकित्सा संस्थान में नियुक्त करेगा।


यदि लेवल-5 पदोन्नति मिलती तो हो जाती पूर्ण सेवानिवृत्ति

जानकारी के अनुसार यदि डॉ. राजेश कुमार को लेवल-5 में पदोन्नति मिल गई होती तो 31 जुलाई 2026 को ही उनका पूर्ण सेवानिवृत्ति दिवस होता। वर्तमान व्यवस्था के तहत उन्हें तीन वर्ष और चिकित्सा सेवाएं देने का अवसर मिलेगा।


2002 में नैनीताल से पीलीभीत आए, यहीं बना लंबा सेवा सफर

डॉ. राजेश कुमार का पीलीभीत से जुड़ाव वर्ष 2002 में हुआ। अक्टूबर 2002 में उनका स्थानांतरण नैनीताल से बिलसंडा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सा अधीक्षक के रूप में हुआ। वर्ष 2002 से 2006 तक उन्होंने बिलसंडा और पूरनपुर क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


जिला अस्पताल से मेडिकल कॉलेज तक निभाई अहम जिम्मेदारी

वर्ष 2007 में उनकी तैनाती जिला अस्पताल पीलीभीत में वरिष्ठ विशेषज्ञ के रूप में हुई। वर्ष 2009 में वह कंसल्टेंट बने और वर्ष 2013 में पुनः जिला अस्पताल लौटे। वर्ष 2017 में उन्हें सीनियर कंसल्टेंट के पद पर पदोन्नत किया गया।

एक अप्रैल 2023 को जिला अस्पताल के राजकीय मेडिकल कॉलेज में विलय के बाद उन्हें महिला अस्पताल का पहला मुख्य चिकित्सा अधीक्षक नियुक्त किया गया। उन्होंने नई व्यवस्थाओं को स्थापित करने और महिला अस्पताल की सेवाओं को व्यवस्थित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।


कोविड काल में निभाई फ्रंटलाइन नेतृत्व की भूमिका

कोविड-19 महामारी के दौरान डॉ. राजेश कुमार ने फ्रंटलाइन अधिकारी के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं। महामारी के कठिन दौर में मरीजों के उपचार, अस्पताल संचालन और चिकित्सा व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने में उनकी भूमिका को व्यापक सराहना मिली।


चिकित्सकों के हितों के लिए भी रहे सक्रिय

डॉ. राजेश कुमार केवल कुशल चिकित्सक ही नहीं रहे, बल्कि चिकित्सकों के संगठन में भी सक्रिय भूमिका निभाते रहे। वह प्रांतीय चिकित्सा संघ के सचिव पद की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं और लंबे समय तक चिकित्सकों के हितों से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय रहे।


कुंभ और कैलाश मानसरोवर यात्रा में भी दी उल्लेखनीय सेवाएं

पीलीभीत आने से पहले उन्होंने नैनीताल में सेवाएं दीं। वर्ष 1998 में हरिद्वार कुंभ मेले के दौरान बेस अस्पताल में उत्कृष्ट चिकित्सा सेवाओं के लिए उन्हें शासन स्तर पर उत्कृष्ट प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया गया। वर्ष 2001 में उन्होंने कैलाश मानसरोवर यात्रा के दौरान भी चिकित्सा सेवाएं देकर अपनी कार्यकुशलता का परिचय दिया।


शिक्षा और चिकित्सकीय सफर

डॉ. राजेश कुमार की प्रारंभिक शिक्षा बांदा, मथुरा और इटावा में हुई। उन्होंने हिंदी, अंग्रेजी, गुरमुखी और उर्दू का अध्ययन किया। इंटरमीडिएट और बीएससी की शिक्षा आगरा से प्राप्त करने के बाद वर्ष 1993 में कानपुर से एमबीबीएस किया। वर्ष 1995 में हरदोई के नशा मुक्ति केंद्र में उनकी पहली नियुक्ति हुई। वर्ष 2005 में उन्होंने पीजी डिप्लोमा प्राप्त किया।


परिवार में चिकित्सकीय मूल्यों की विरासत

वर्ष 1993 में उनका विवाह हुआ। परिवार में एक पुत्र और एक पुत्री हैं। पुत्र बीटेक के बाद निजी कंपनी में कार्यरत हैं, जबकि पुत्री बीएससी की पढ़ाई कर रही हैं।


24 वर्षों तक पीलीभीत की स्वास्थ्य सेवाओं का अहम चेहरा

करीब 24 वर्षों तक पीलीभीत में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं देने वाले डॉ. राजेश कुमार ने बिलसंडा, पूरनपुर, जिला अस्पताल और बाद में मेडिकल कॉलेज के महिला अस्पताल में अपनी कार्यशैली की अलग पहचान बनाई। प्रशासनिक दक्षता, अनुशासन, सरल व्यवहार और मरीजों के प्रति संवेदनशीलता के कारण वह चिकित्सकों, कर्मचारियों और आम लोगों के बीच सम्मानित रहे।


प्रशासनिक पारी समाप्त, सेवा का सफर जारी

31 जुलाई 2026 को मुख्य चिकित्सा अधीक्षक पद से विदाई के साथ डॉ. राजेश कुमार की प्रशासनिक पारी का महत्वपूर्ण अध्याय समाप्त हो जाएगा। हालांकि चिकित्सकीय सेवा का उनका सफर अभी जारी रहेगा। अगले तीन वर्षों तक वह सीनियर रेजिडेंट के रूप में अपने अनुभव और विशेषज्ञता से स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती देते रहेंगे।


एक नजर में

  • नाम: डॉ. राजेश कुमार
  • वर्तमान पद: मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, महिला अस्पताल, राजकीय मेडिकल कॉलेज, पीलीभीत
  • प्रशासनिक कार्यकाल समाप्त: 31 जुलाई 2026
  • आयु: 62 वर्ष
  • अगली जिम्मेदारी: सीनियर रेजिडेंट (अगले तीन वर्ष)
  • पीलीभीत में सेवाकाल: लगभग 24 वर्ष
  • पीलीभीत आगमन: अक्टूबर 2002 (बिलसंडा सीएचसी)
  • महिला अस्पताल के पहले सीएमएस: 1 अप्रैल 2023 से
  • विशेष उपलब्धियां: कोविड प्रबंधन, कुंभ मेला चिकित्सा सेवा सम्मान, कैलाश मानसरोवर यात्रा चिकित्सा सेवा, प्रांतीय चिकित्सा संघ में सक्रिय भूमिका।

डॉ. राजेश कुमार का सेवा सफर 

वर्ष प्रमुख उपलब्धि
1993 कानपुर से एमबीबीएस पूर्ण
1995 हरदोई नशा मुक्ति केंद्र में पहली नियुक्ति
1998 हरिद्वार कुंभ में उत्कृष्ट चिकित्सा सेवा, शासन का प्रथम पुरस्कार
2001 कैलाश मानसरोवर यात्रा में चिकित्सा सेवाएं
2002 नैनीताल से बिलसंडा सीएचसी में स्थानांतरण
2007 जिला अस्पताल पीलीभीत में वरिष्ठ विशेषज्ञ बने
2009 कंसल्टेंट नियुक्त
2013 पुनः जिला अस्पताल में तैनाती
2017 सीनियर कंसल्टेंट पदोन्नत
2023 महिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज के पहले मुख्य चिकित्सा अधीक्षक बने
2026 सीएमएस पद से कार्यमुक्त, सीनियर रेजिडेंट के रूप में नई जिम्मेदारी

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