पीलीभीत। राष्ट्रीय पैथोलॉजी दिवस के अवसर पर स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, पीलीभीत के पैथोलॉजी विभाग में गरिमामय एवं उत्साहपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान विभाग के संकाय सदस्यों, रेजिडेंट्स, इंटर्न्स एवं प्रयोगशाला कर्मियों ने सक्रिय सहभागिता निभाई और कार्यक्रम को सफल बनाया।
पैथोलॉजी के महत्व पर डाला गया प्रकाश
कार्यक्रम का शुभारंभ स्वागत भाषण से हुआ, जिसमें पैथोलॉजी के महत्व एवं चिकित्सा क्षेत्र में इसकी केंद्रीय भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने बताया कि रोगों के सटीक एवं समयबद्ध निदान में पैथोलॉजी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और यह आधुनिक चिकित्सा प्रणाली की मजबूत आधारशिला है।
महान वैज्ञानिकों को किया गया नमन
इस अवसर पर महान वैज्ञानिक डॉ. रूडोल्फ विरखो को स्मरण करते हुए उनके अमूल्य योगदान को नमन किया गया। साथ ही भारत में कैंसर अनुसंधान के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले डॉ. वी. आर. खानोलकर के योगदान पर भी विस्तार से प्रकाश डाला गया।
शैक्षणिक व रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन
कार्यक्रम के अंतर्गत पोस्टर प्रदर्शनी, क्विज प्रतियोगिता एवं अन्य शैक्षणिक गतिविधियों का आयोजन किया गया। इन गतिविधियों में प्रतिभागियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जिससे कार्यक्रम में उत्साह का माहौल बना रहा।
लैब स्टाफ का हुआ सम्मान
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण प्रयोगशाला कर्मियों का सम्मान समारोह रहा। उत्कृष्ट कार्य करने वाले लैब स्टाफ को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया, जिससे उनका मनोबल बढ़ा।
गणमान्य लोगों की रही उपस्थिति
इस अवसर पर उप प्राचार्य डॉ. अरुण, मेल सीएमएस डॉ. आर. के. सागर, डॉ. राजेश, विभागाध्यक्ष पैथोलॉजी डॉ. विभूति गोयल, विभागाध्यक्ष बायोकैमिस्ट्री डॉ. शिखा सक्सेना, डॉ. परिक्षित सिंह, डॉ. प्रदीप शेखावत, डॉ. अमृता सिंह, डॉ. जूली, डॉ. प्रियंका, डॉ. राशि सहित समस्त तकनीकी स्टाफ उपस्थित रहा।
जागरूकता बढ़ाने पर जोर
विभागाध्यक्ष डॉ. विभूति गोयल ने बताया कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पैथोलॉजी के प्रति जागरूकता बढ़ाना और चिकित्सा विज्ञान में इसके महत्वपूर्ण योगदान को रेखांकित करना है।
प्राचार्या ने दी शुभकामनाएँ
कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ समापन किया गया। प्राचार्या डॉ. संगीता अनेजा ने विभाग के सभी फैकल्टी मेंबर, लैब टेक्नीशियन एवं कर्मचारियों को राष्ट्रीय पैथोलॉजी दिवस की शुभकामनाएं दीं।

