महिला सशक्तिकरण का केंद्र बना पीलीभीत मेडिकल कॉलेज…प्रबंधन से मरीज सेवा तक, महिलाओं के कंधों पर मेडिकल कॉलेज की जिम्मेदारी

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रिंटू वर्मा…

पीलीभीत।राजकीय मेडिकल कॉलेज पीलीभीत में महिला सशक्तिकरण की सशक्त तस्वीर देखने को मिल रही है। यहां प्राचार्या से लेकर विभागाध्यक्ष, चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ, सुरक्षा कर्मी और अन्य कर्मचारियों तक महिलाओं की सक्रिय भागीदारी संस्थान को नई दिशा दे रही है। प्रशासनिक नेतृत्व, चिकित्सा सेवाओं, शिक्षण कार्य और मरीजों की देखभाल में महिलाएं अपनी दक्षता और समर्पण से महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

प्रशासनिक नेतृत्व में महिला शक्ति

राजकीय मेडिकल कॉलेज की कमान प्राचार्या एवं प्रोफेसर (रेडियोडायग्नोसिस) डॉ. संगीता अनेजा के हाथों में है। उनके नेतृत्व में महाविद्यालय की शैक्षणिक एवं प्रशासनिक गतिविधियों का प्रभावी संचालन हो रहा है। वह विभिन्न विभागों और समितियों के समन्वय के साथ-साथ राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के मानकों के अनुरूप गुणवत्ता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी निभा रही हैं। उनके मार्गदर्शन में कॉलेज लगातार प्रगति की ओर अग्रसर है।

 प्री-क्लिनिकल और पैराक्लिनिकल विभागों में महिलाओं की अहम भूमिका

मेडिकल कॉलेज के प्री-क्लिनिकल और पैराक्लिनिकल विभागों में भी महिला चिकित्सकों की मजबूत उपस्थिति है।

एनाटॉमी विभाग की प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. अर्चना सिंह प्रथम वर्ष एमबीबीएस छात्रों के शिक्षण और डिसेक्शन हॉल के संचालन का जिम्मा संभाल रही हैं।

बायोकैमिस्ट्री विभाग की प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. शिखा सक्सेना प्रयोगशाला संचालन और छात्रों के आंतरिक मूल्यांकन की जिम्मेदारी निभा रही हैं।

इसी प्रकार माइक्रोबायोलॉजी विभाग की प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. दीपिका वर्मा संक्रमण नियंत्रण और प्रयोगशाला प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

इसके अतिरिक्त फॉरेंसिक मेडिसिन विभाग में पोस्टमार्टम कार्य और विधिक चिकित्सा शिक्षण की जिम्मेदारी तथा सामुदायिक चिकित्सा विभाग में ग्रामीण और शहरी स्वास्थ्य कार्यक्रमों का संचालन भी प्रभावी ढंग से किया जा रहा है।

क्लिनिकल सेवाओं में भी महिलाओं की सक्रिय भागीदारी

मेडिकल कॉलेज के क्लिनिकल विभागों में भी महिला चिकित्सक अपनी विशेषज्ञता से मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध करा रही हैं।

पैथोलॉजी विभाग की प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. विभूति गोयल प्रयोगशाला निदान और गुणवत्ता नियंत्रण का दायित्व संभाल रही हैं।

दंत चिकित्सा विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. मानसी सिंह दंत रोगों के उपचार और शिक्षण कार्य में योगदान दे रही हैं।

इसी क्रम में मानसिक रोग विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. प्रियंका भटनागर मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

 नर्सिंग, सुरक्षा और अन्य सेवाओं में भी महिलाएं अग्रणी

मेडिकल कॉलेज में केवल चिकित्सकीय और शैक्षणिक कार्य ही नहीं, बल्कि नर्सिंग और सहायक सेवाओं में भी महिलाएं महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा रही हैं।

नर्सिंग ऑफिसर पूजा पटेल, नर्सिंग स्टाफ अंजलि, और भावना वार्ड सहायिका गीता देवी, पीआरडी गार्डन सहित अन्य महिला कर्मचारी मरीजों की देखभाल और अस्पताल व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में अहम योगदान दे रही हैं।

इसके अलावा आशा देवी और प्रज्ञा चंद्रकला जैसी महिला सुरक्षा कर्मी भी अस्पताल परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को संभाल रही हैं।

 महिला सशक्तिकरण की बन रही मिसाल

राजकीय मेडिकल कॉलेज पीलीभीत में महिलाओं की यह सक्रिय भागीदारी न केवल संस्थान की कार्यक्षमता को मजबूत कर रही है, बल्कि महिला सशक्तिकरण की प्रेरक मिसाल भी प्रस्तुत कर रही है। चिकित्सा शिक्षा, प्रशासन, उपचार सेवाओं और अस्पताल प्रबंधन के हर क्षेत्र में महिलाओं की उपस्थिति यह साबित कर रही है कि वे किसी भी जिम्मेदारी को दक्षता और समर्पण के साथ निभाने में सक्षम हैं।


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