पीलीभीत टाइगर रिजर्व की गूंज पहुंची सत्ता के गलियारों तक… बैठक में मंत्रियों को भेंट की गई कॉफी टेबल बुक

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रिंटू वर्मा…

पीलीभीत। उत्तर प्रदेश के पीलीभीत टाइगर रिजर्व की प्राकृतिक सुंदरता और वन्यजीव संरक्षण की सफलता अब प्रदेश स्तर पर खास पहचान बना रही है। लखनऊ में आयोजित एक अहम बैठक में इसकी झलक देखने को मिली, जब टाइगर रिजर्व की कॉफी टेबल बुक कैबिनेट मंत्रियों को भेंट की गई।

सत्ता के केंद्र तक पहुंची पीलीभीत की पहचान

राजधानी लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आयोजित बैठक के दौरान यह विशेष कॉफी टेबल बुक सभी कैबिनेट मंत्रियों को दी गई। यह पहल पीलीभीत टाइगर रिजर्व की उपलब्धियों को शासन स्तर पर प्रमुखता से प्रस्तुत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

कॉफी टेबल बुक में सजी प्राकृतिक विरासत

इस आकर्षक कॉफी टेबल बुक में टाइगर रिजर्व के दुर्लभ वन्यजीवों, घने जंगलों और खूबसूरत पर्यटन स्थलों को बेहद प्रभावशाली ढंग से दर्शाया गया है। खासतौर पर चूका बीच जैसे रमणीय स्थल पुस्तक का प्रमुख आकर्षण हैं, जो पर्यटकों को अपनी ओर खींचने की क्षमता रखते हैं।

पर्यटन मानचित्र पर मजबूत हुई पहचान

टाइगर रिजर्व घोषित होने के बाद से पीलीभीत ने पर्यटन के क्षेत्र में तेजी से अपनी पहचान बनाई है। यहां की जैव विविधता और शांत वातावरण ने इसे प्रकृति प्रेमियों और पर्यटकों के लिए खास गंतव्य बना दिया है।

ईको-टूरिज्म को मिलेगा नया प्रोत्साहन

इस पुस्तक के वितरण के पीछे शासन का उद्देश्य ईको-टूरिज्म को बढ़ावा देना है। माना जा रहा है कि जब मंत्री और जनप्रतिनिधि इस बुक के माध्यम से रिजर्व की विशेषताओं को समझेंगे, तो वे बाहरी सैलानियों और निवेशकों को यहां आने के लिए प्रेरित कर सकेंगे।

अधिकारियों ने की पहल की पुष्टि

टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर मनीष सिंह ने इस पहल की पुष्टि करते हुए बताया कि यह प्रयास पीलीभीत की पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत करेगा।


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