चाइनीज़ मांझा पर सख्त प्रतिबंध, उल्लंघन पर होगी कड़ी कानूनी कार्रवाई- वन विभाग

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(रिंटू वर्मा)

पीलीभीत। वन विभाग ने चाइनीज़ मांझा (सिंथेटिक पतंग डोर) के निर्माण, बिक्री, भंडारण, परिवहन और उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध को सख्ती से लागू कर दिया है। विभाग के अनुसार यह मांझा मानव जीवन, पक्षियों, वन्यजीवों और पर्यावरण के लिए अत्यंत खतरनाक है, जिसके कारण कई गंभीर हादसे सामने आ चुके हैं।

नायलॉन मांझा बन रहा जानलेवा खतरा

नायलॉन और रासायनिक पदार्थों से बना चाइनीज़ मांझा सामान्य सूती डोर की तरह नष्ट नहीं होता। यह सड़क पर चलने वाले पैदल यात्रियों, दोपहिया वाहन चालकों और बच्चों के लिए गंभीर खतरा पैदा करता है। देश के विभिन्न हिस्सों में इससे गले और शरीर पर गहरी चोटें, करंट लगने और मौत तक की घटनाएं दर्ज की गई हैं।

पक्षियों और वन्यजीवों पर कहर

वन क्षेत्रों और हरित पट्टियों में यह मांझा चील, कबूतर, गिद्ध सहित कई पक्षियों के पंख काटने, अत्यधिक रक्तस्राव और मृत्यु का प्रमुख कारण बन रहा है। इसके अलावा बिजली की लाइनों में फँसने से आग लगने की घटनाओं का भी खतरा बना रहता है।

कानूनी कार्रवाई और संपत्ति जब्ती का प्रावधान

वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि चाइनीज़ मांझा बेचते, रखते या उपयोग करते पाए जाने पर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत “शिकार” की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाएगा। इस अधिनियम के अंतर्गत दोषियों की संपत्ति जब्ती (कन्फिस्केशन) का भी प्रावधान है। वन क्षेत्रों और आसपास के बाजारों में इसके लिए विशेष सघन अभियान चलाया जा रहा है।

सूचना देने वालों को इनाम, पहचान रहेगी गोपनीय
वन विभाग ने आम जनता से अपील की है कि यदि कहीं चाइनीज़ मांझा की बिक्री या उपयोग होता दिखाई दे, तो तुरंत सूचना दें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और सटीक जानकारी देने पर इनाम भी दिया जाएगा।

सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल पतंगबाजी की अपील
जनता से अनुरोध किया गया है कि केवल पर्यावरण-अनुकूल सूती मांझा का ही उपयोग करें, पतंगबाजी सुरक्षित और खुले स्थानों पर करें तथा उपयोग के बाद डोर को इकट्ठा कर उचित तरीके से नष्ट करें। अभिभावकों से विशेष अपील की गई है कि वे बच्चों को इस घातक मांझे से दूर रखें।

जिम्मेदार त्योहार मनाने का आह्वान
वन विभाग ने सभी नागरिकों से अपील की है कि त्योहारों को सुरक्षित, जिम्मेदार और पर्यावरण के अनुकूल तरीके से मनाएं तथा मानव जीवन, पक्षियों और वन्यजीवों की सुरक्षा में सक्रिय सहयोग करें।


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