( रिंटू वर्मा )
पीलीभीत। शहर से सटे ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध कॉलोनियों का तेजी से विस्तार हो रहा है। स्थिति यह है कि लगभग हर 100 मीटर की दूरी पर नई अवैध कॉलोनी विकसित होती दिखाई दे रही है। कॉलोनाइजरों द्वारा विनियमित क्षेत्र के नियमों को नजरअंदाज कर बड़े पैमाने पर अवैध प्लॉटिंग की जा रही है, जबकि संबंधित विभाग अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं कर पाया हैं।
गणेशपुर गोटिया मार्ग से बाईपास क्षेत्र तक अवैध प्लॉटिंग
गणेशपुर गोटिया मार्ग से लेकर बाईपास क्षेत्र तक दर्जनों कॉलोनाइजरों ने बिना किसी वैधानिक अनुमति के कॉलोनियां विकसित कर दी हैं। गोकुलधाम मंदिर के समीप बसाई गई तीन कॉलोनियों में बरसात के मौसम में चार से पांच फीट तक जलभराव हो जाता है, जिससे वहां रहने वाले परिवारों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।मानसून के समय में यहाँ तीन चार फिट पानी भर जाता है। यहाँ रह रहे लोगो को भारी मुसीबत का सामना करना पड़ जाता है औरसुरक्षित स्थान पर जाने के लिए पलायन करना पड़ जाता है।
भारी संख्या में भूमि विक्री दलाल सक्रिय,
इस पूरे क्षेत्र में भूमि दलाल सक्रिय है, जब कोई अपना आशियाना बनाने के लिए इधर आता है तो यह सक्रिय दलाल मोटी कमीशन के चक्कर में लोगो को अवैध प्लाटिंग में प्लाट खरीदवा देते है। मानसून के समय मकान बनाकर रह रहे लोगो को भारी मुसीबत झेलनी पडती है। यही सक्रिय दलाल अब अधिक मुनाफे के लालच में खुद को कॉलोनाइजर बताकर बिना अनुमति प्लॉट काट रहे हैं। वैध नक्शा, जलनिकासी और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं के बिना प्लॉट बेचे जा रहे हैं। भोले-भाले लोग इनके झांसे में आकर मकान बना लेते हैं, लेकिन बरसात आते ही हालात बिगड़ जाते हैं।
5 हजार से 20 हजार रुपये प्रति गज तक प्लॉट के दाम
गणेशपुर गोटिया मार्ग से लेकर बाईपास क्षेत्र तक अवैध कॉलोनियों में 5 हजार से 20 हजार रुपये प्रति गज तक प्लॉट बेचे जा रहे हैं। मकान बनने के बाद बरसात में दो से तीन फीट तक पानी घरों में भर जाता है। मजबूरी में कई परिवारों को तीन से चार महीने तक घर छोड़ना पड़ता है।
12 अवैध कॉलोनियां हो चुकी है चिन्हित
इसी क्षेत्र में विकसित की गई 12 कॉलोनियों को जिला प्रशासन पहले ही अवैध घोषित कर नोटिस जारी कर चुका है। इसके बावजूद किसी भी कॉलोनाइजर ने नोटिस का जवाब नहीं दिया है।अब आलम यह है कि इस क्षेत्र में भारी संख्या में विनिमित क्षेत्र के नियमो को दरकिनार कर अवैध प्लाटिंग विकसित की जा रही है।जिला प्रशासन के ढीले रवैया से इन अवैध प्लाटिंग विकसित करने वालों के हौसले बुलंद है।
प्लॉट खरीदने से पहले जांच जरूरी,
वर्तमान में बड़ी संख्या में लोग गणेशपुर गोटिया मार्ग, बिलगांव मार्ग और अलीगंज रोड की ओर मकान बनाने के उद्देश्य से प्लॉट खरीद रहे हैं। बिना दस्तावेजों की जांच किए प्लॉट खरीदना जोखिम भरा हो सकता है। बरसात के मौसम में जलभराव से लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो जाता है और उन्हें पलायन तक करना पड़ता है।पूरी जाँच पड़ताल कर ख़रीदे जमीन, अन्यथा करना पड़ सकता है भारी मुसीवत का सामना।

