रिंटू वर्मा…
पीलीभीत। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत जनपद पीलीभीत के नवीन मंडी समिति परिसर में सोमवार को भव्य सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किया गया। इस आयोजन में कुल 410 नव जोड़ों का विवाह विधि-विधान और धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न कराया गया। कार्यक्रम में हिंदू जोड़ों का विवाह वैदिक मंत्रोच्चार के बीच वेदियों पर पंडितों द्वारा कराया गया, वहीं मुस्लिम जोड़ों का निकाह काजियों द्वारा पढ़वाया गया। पूरे परिसर में शहनाई की मधुर ध्वनि और मंगल गीतों के साथ विवाह समारोह का माहौल उत्साहपूर्ण बना रहा।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे पूरनपुर विधायक बाबूराम पासवान ने जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह और पुलिस अधीक्षक सहित अन्य अधिकारियों के साथ नवविवाहित जोड़ों पर पुष्प वर्षा कर उन्हें आशीर्वाद दिया और उनके सुखद वैवाहिक जीवन की कामना की। इस दौरान मंच से शासन की योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी गई और मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना को समाज के लिए महत्वपूर्ण बताया गया।
12 सेक्टरों में की गई थी विशेष व्यवस्था
विवाह समारोह को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए पूरे मंडी परिसर को 12 सेक्टरों में विभाजित किया गया था। प्रत्येक सेक्टर में वेदियां बनाई गई थीं, जहां कुल 60 वेदियों पर पंडितों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विवाह संस्कार कराए गए। वहीं मुस्लिम जोड़ों के लिए अलग से काजी द्वारा निकाह की व्यवस्था की गई थी। सभी सेक्टरों में प्रशासन की ओर से व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई थीं, ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
प्रशासन की कड़ी निगरानी में संपन्न हुआ कार्यक्रम
कार्यक्रम को व्यवस्थित रूप से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की थीं। पूरे आयोजन की निगरानी के लिए 12 सेक्टर मजिस्ट्रेटों की ड्यूटी लगाई गई थी, जो अपने-अपने क्षेत्रों में व्यवस्थाओं पर नजर बनाए हुए थे। इसके अलावा पुलिस बल भी तैनात किया गया था, जिससे सुरक्षा व्यवस्था मजबूत बनी रही।
हजारों परिजन बने आयोजन के साक्षी
सामूहिक विवाह समारोह में नवविवाहित जोड़ों के साथ उनके परिजन भी बड़ी संख्या में शामिल हुए। अनुमानित 5 से 6 हजार की संख्या में लोग विवाह स्थल पर पहुंचे और इस पवित्र आयोजन के साक्षी बने। पूरे परिसर में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला और लोगों ने नवदंपतियों को शुभकामनाएं दीं।
खानपान की की गई थी समुचित व्यवस्था
विवाह समारोह में शामिल हुए वर-वधु और उनके परिजनों के लिए खानपान की समुचित व्यवस्था की गई थी। अलग-अलग स्थानों पर भोजन के पंडाल लगाए गए थे, जहां हजारों लोगों ने भोजन ग्रहण किया। प्रशासन और आयोजन समिति ने यह सुनिश्चित किया कि किसी भी अतिथि को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
दहेज सामग्री के लिए बनाया गया अलग पंडाल
नवविवाहित जोड़ों को शासन की ओर से मिलने वाली दहेज सामग्री के वितरण के लिए अलग से पंडाल बनाया गया था। विवाह संपन्न होने के बाद नवदंपतियों को लाइन में लगवाकर व्यवस्थित ढंग से दहेज का सामान वितरित किया गया। इसमें गृहस्थी से संबंधित आवश्यक वस्तुएं दी गईं, जिससे नवदंपतियों को नए जीवन की शुरुआत में सहूलियत मिल सके।

12 मार्च तक चलेंगे सामूहिक विवाह कार्यक्रम
जनपद में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम 9 मार्च से 12 मार्च तक आयोजित किया जा रहा है। शासन स्तर से पीलीभीत जनपद को कुल 1500 विवाह संपन्न कराने का लक्ष्य दिया गया है। इसी क्रम में अलग-अलग तहसीलों में भी सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिससे अधिक से अधिक पात्र जोड़ों को योजना का लाभ मिल सके।

