रिंटू वर्मा…
पीलीभीत। स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय पीलीभीत के इंटेंसिव केयर यूनिट ने एक और बड़ी चिकित्सीय सफलता हासिल की है। यहां डॉक्टरों की टीम ने एक गंभीर ट्रॉमा मरीज में दुर्लभ और जानलेवा मस्तिष्क संक्रमण का सफल उपचार कर उसकी जान बचाने में अहम भूमिका निभाई।
नई चुनौती: मेनिंगोएन्सेफलाइटिस का हमला
55 वर्षीय मरीज, जो पहले सड़क दुर्घटना और चेहरे की कई हड्डियों के फ्रैक्चर से उबर रहा था, अचानक बैक्टीरियल मेनिंगोएन्सेफलाइटिस जैसी गंभीर बीमारी से ग्रसित हो गया। इसके साथ ही मरीज में हाइड्रोसेफेलस विकसित हो गया, जिससे मस्तिष्क में द्रव का दबाव खतरनाक स्तर तक बढ़ गया और स्थिति बेहद गंभीर हो गई।
बेडसाइड पर ही किया गया जटिल उपचार
मरीज की नाजुक हालत को देखते हुए ICU प्रभारी डॉ. अरविंद एम ने तत्काल बेडसाइड लम्बर ड्रेन प्रक्रिया शुरू की। इस तकनीक के जरिए रीढ़ की नलिका में कैथेटर डालकर अतिरिक्त संक्रमित द्रव को बाहर निकाला गया, जिससे मस्तिष्क पर दबाव कम हुआ।
मवाद जैसा द्रव निकला, संक्रमण की पुष्टि
प्रक्रिया के दौरान गाढ़ा, मवाद जैसा सेरेब्रोस्पाइनल फ्लूइड निकाला गया, जो गंभीर संक्रमण का संकेत था। यह पूरी प्रक्रिया ऑपरेशन थिएटर के बजाय बेडसाइड पर की गई, जिससे समय की बचत हुई और मरीज को स्थानांतरित करने का जोखिम भी टल गया।
जांच के बाद होगा सटीक इलाज
निकाले गए द्रव के नमूनों को ग्राम स्टेनिंग, कल्चर और सेंसिटिविटी जांच के लिए भेजा गया है। इससे संक्रमण पैदा करने वाले बैक्टीरिया की पहचान कर सही एंटीबायोटिक दवा का चयन किया जाएगा।
इंट्राथीकल थेरेपी से मिलेगा सीधा असर
डॉ. अरविंद एम ने मरीज के लिए इंट्राथीकल एंटीबायोटिक थेरेपी शुरू करने की योजना बनाई है। इस तकनीक में दवा सीधे स्पाइनल फ्लूइड में दी जाती है, जिससे दवा संक्रमण वाले स्थान पर तेजी और प्रभावी ढंग से काम करती है।
प्राचार्या ने की टीम की सराहना
महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. संगीता अनेजा ने ICU टीम की त्वरित निर्णय क्षमता और उत्कृष्ट कार्य की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह की जटिल प्रक्रिया का बेडसाइड सफल निष्पादन संस्थान की उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं को दर्शाता है।
मरीज की स्थिति में सुधार की उम्मीद
इस प्रक्रिया से मस्तिष्क में जमा संक्रमित द्रव को बाहर निकालकर दबाव कम किया गया है। इससे मरीज की स्थिति में सुधार की संभावना बढ़ गई है और आगे के लक्षित इलाज का रास्ता साफ हो गया है।

